तेलुगु दीपावली 2026: आंध्र प्रदेश और तेलंगाना की परंपराएँ, नरक चतुर्दशी से भगिनी हस्त भोजनम् तक
आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के तेलुगु परिवार दीपावली 2026 कैसे मनाते हैं: नरक चतुर्दशी पर भोर से पहले तेल स्नान और नरकासुर कथा में सत्यभामा की भूमिका, रविवार 8 नवंबर को अमावस्या लक्ष्मी पूजा और दीप, केदारेश्वर व्रतम्, बलि पाड्यमी, भगिनी हस्त भोजनम्, त्योहार की मिठाइयाँ, हैदराबाद का उत्सव और USA के तेलुगु NRI परिवारों के लिए तिथियाँ।

आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के तेलुगु परिवार दीपावली 2026 कैसे मनाते हैं: नरक चतुर्दशी पर भोर से पहले तेल स्नान और नरकासुर कथा में सत्यभामा की भूमिका, रविवार 8 नवंबर को अमावस्या लक्ष्मी पूजा और दीप, केदारेश्वर व्रतम्, बलि पाड्यमी, भगिनी हस्त भोजनम्, त्योहार की मिठाइयाँ, हैदराबाद का उत्सव और USA के तेलुगु NRI परिवारों के लिए तिथियाँ।
संक्षिप्त उत्तर: तेलुगु दीपावली 2026 रविवार, 8 नवंबर को है (द्रिक पंचांग)। आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में दिन की शुरुआत भोर से पहले नरक चतुर्दशी के तेल स्नान से होती है, जिसमें श्रीकृष्ण और सत्यभामा द्वारा नरकासुर पर विजय का स्मरण किया जाता है, और समापन अमावस्या की संध्या को लक्ष्मी पूजा, मिट्टी के दीपों (प्रमिदलु) की कतारों और पटाखों के साथ होता है। कई परिवार केदारेश्वर व्रतम् भी करते हैं। हैदराबाद के लिए लक्ष्मी पूजा मुहूर्त 6:08 PM से 8:09 PM है (गणना: HinduTone, द्रिक पद्धति)।
USA में रहने वाले तेलुगु परिवारों की तिथियाँ थोड़ी अलग हैं: नरक चतुर्दशी शनिवार, 7 नवंबर को और दीपावली रविवार, 8 नवंबर को। विस्तृत जानकारी नीचे है।
तेलुगु दीपावली 2026 की तिथियाँ
| दिन | आंध्र प्रदेश और तेलंगाना | USA (द्रिक पंचांग) |
|---|---|---|
| धन त्रयोदशी / धनतेरस | शुक्र, 6 नवं | शुक्र, 6 नवं |
| नरक चतुर्दशी | रवि, 8 नवं (प्रातःकाल) | शनि, 7 नवं |
| दीपावली / लक्ष्मी पूजा | रवि, 8 नवं (संध्या) | रवि, 8 नवं |
| गोवर्धन पूजा / बलि पाड्यमी | मंगल, 10 नवं | सोम, 9 नवं |
| भगिनी हस्त भोजनम् / भाई दूज | बुध, 11 नवं | मंगल, 10 नवं |
स्रोत: द्रिक पंचांग। इस वर्ष भारत में नरक चतुर्दशी और दीपावली दोनों रविवार, 8 नवंबर को पड़ रही हैं, इसलिए तेलुगु घरों में तेल स्नान और लक्ष्मी पूजा एक ही दिन होंगे।
नरक चतुर्दशी: तेलुगु घरों की सबसे बड़ी सुबह
बहुत-से तेलुगु परिवारों के लिए नरक चतुर्दशी उतनी ही महत्वपूर्ण है जितनी स्वयं दीपावली। सूर्योदय से पहले बड़े-बुज़ुर्ग सबके सिर और शरीर पर गुनगुना तिल का तेल लगाते हैं, फिर गर्म पानी से स्नान होता है, अक्सर शिकाकाई या जड़ी-बूटियों के लेप के साथ। इस अभ्यंग स्नानम् को शुद्धिकारक स्नान माना जाता है, और इसके बाद नए वस्त्र पहने जाते हैं। कई घरों में भोर से पहले द्वार पर और तुलसी के पास दीप जलाए जाते हैं।
सत्यभामा और नरकासुर: परंपरागत कथा
भूदेवी (धरती माता) का पुत्र नरकासुर एक अत्याचारी बन गया, जिसने देवताओं को सताया और हज़ारों लोगों को बंदी बना लिया। श्रीकृष्ण गरुड़ पर सत्यभामा को साथ लेकर उससे युद्ध करने गए। तेलुगु घरों में प्रचलित कथा के अनुसार, जब श्रीकृष्ण पर प्रहार हुआ और वे क्षण भर के लिए गिर पड़े, तब सत्यभामा ने धनुष उठाया और स्वयं नरकासुर को पराजित किया। कई संस्करणों में सत्यभामा को स्वयं भूदेवी का रूप माना जाता है, जो इस कथा को विशेष अर्थ देता है: माता अपने ही पुत्र की क्रूरता का अंत करती है। मृत्यु से पहले नरकासुर ने प्रार्थना की कि इस दिन को दीपों और उत्सव के साथ याद किया जाए।
सत्यभामा तेलुगु संस्कृति की अत्यंत प्रिय पात्र हैं, घर-घर की कहानियों से लेकर उन पर केंद्रित प्रसिद्ध कुचिपुड़ी नृत्य-नाटिका भामा कलापम् तक। पूरी कथा पढ़ें: नरकासुर और श्रीकृष्ण की कथा।
दीपावली अमावस्या: लक्ष्मी पूजा और प्रमिदलु
अमावस्या की संध्या को घर की सफ़ाई होती है, प्रवेश द्वार पर मुग्गुलु (रंगोली) बनाई जाती है, और लक्ष्मी पूजा की जाती है, अक्सर पहले गणपति पूजन के साथ। इसके बाद परिवार प्रवेश द्वार, खिड़कियों, चारदीवारी और तुलसी कोटा पर प्रमिदलु, यानी मिट्टी के छोटे दीयों की कतारें जलाते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में कई घरों में कुएँ या पानी की टंकी के पास और गौशाला में भी दीप रखे जाते हैं।
| शहर | लक्ष्मी पूजा, रवि 8 नवं 2026 (स्थानीय समय) | स्रोत |
|---|---|---|
| हैदराबाद | 6:08 PM से 8:09 PM | गणना (HinduTone, द्रिक पद्धति) |
| विजयवाड़ा | 6:01 PM से 8:02 PM | गणना (HinduTone, द्रिक पद्धति) |
| विशाखापत्तनम | 5:48 PM से 7:49 PM | गणना (HinduTone, द्रिक पद्धति) |
| नई दिल्ली (संदर्भ) | 5:54 PM से 7:50 PM | द्रिक पंचांग |
अन्य शहर: लक्ष्मी पूजा मुहूर्त 2026 भारत शहरवार और दिवाली 2026 तिथि और लक्ष्मी पूजा मुहूर्त। पूजा की विधि: लक्ष्मी पूजा विधि 2026।
पूजा के बाद पटाखे
दीप जलने के बाद शाम पटाखों से गूँज उठती है: फुलझड़ियाँ (चिचुबुड्डुलु), अनार, ज़मीन चकरी और रॉकेट तेलुगु दीपावली का बड़ा हिस्सा हैं, विशेषकर बच्चों के लिए। कई गाँवों में बच्चों की एक प्रथा भी है जिसमें वे छोटा-सा दीपावली गीत गाते हुए जलती लकड़ियाँ घुमाते हैं, हालाँकि यह प्रथा जगह-जगह अलग होती है।
दोनों राज्य सरकारें और शहर की पुलिस आमतौर पर दीपावली से पहले पटाखों के समय और नियमों की घोषणा करती हैं, जिनमें शोर और अस्पतालों के पास पटाखे फोड़ने पर प्रतिबंध शामिल होते हैं। इस वर्ष की घोषणाएँ अवश्य देखें, और पढ़ें दिवाली 2026: हैदराबाद और तेलुगु राज्यों के लिए पटाखा दिशानिर्देश तथा दिवाली पर पटाखों की सुरक्षा सावधानियाँ।
केदारेश्वर व्रतम् (नोमु)
कई तेलुगु परिवार, विशेषकर महिलाएँ, दीपावली के आसपास, प्रायः अमावस्या को, भगवान शिव के केदारेश्वर रूप की उपासना करते हुए केदारेश्वर व्रतम् रखती हैं। इसके सामान्य अंगों में पूजा तक उपवास, पूजा के बाद गाँठों वाला पवित्र धागा बाँधना और घर में बना नैवेद्य शामिल हैं। कुछ परिवार इसे पीढ़ियों से चले आ रहे पारिवारिक नोमु के रूप में हर वर्ष करते हैं; कुछ इसे बिल्कुल नहीं करते। सटीक विधि, गाँठों की संख्या और चुना गया दिन अलग-अलग होते हैं, इसलिए अपने बड़ों या पारिवारिक पुरोहित का अनुसरण करें।
इससे निकटता से जुड़े दक्षिण भारतीय व्रत का वर्णन यहाँ है: केदार गौरी व्रत 2026: दीपावली नोंबु, जो रविवार, 8 नवंबर 2026 को है।
बलि पाड्यमी और गोवर्धन पूजा
अमावस्या के अगले दिन कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा होती है, जिसे उत्तर भारत में गोवर्धन पूजा और कर्नाटक तथा कुछ तेलुगु घरों में बलि पाड्यमी के रूप में मनाया जाता है। इस दिन उदार राजा बलि चक्रवर्ती का स्मरण होता है, जिन्हें भगवान विष्णु ने वामन रूप में पाताल लोक भेजा था और जो, परंपरागत कथा के अनुसार, इस दिन अपनी प्रजा से मिलने लौटते हैं। भारत में यह मंगलवार, 10 नवंबर 2026 को है। पढ़ें राजा बलि की कथा और दक्षिण भारत में दिवाली।
तेलुगु पंचांग में दीपावली अमावस्या चंद्र मास का अंतिम दिन भी है, इसलिए इसके तुरंत बाद कार्तिक मास आरंभ होता है: प्रातः स्नान, मंदिरों और घरों में दीपदान, और सोमवार को शिव उपासना का महीना। कार्तिक पूर्णिमा मंगलवार, 24 नवंबर 2026 को है (द्रिक पंचांग)। नागुला चविति, यानी बाँबी पर नाग देवताओं की पूजा, भी कार्तिक के आरंभ में आती है।
भगिनी हस्त भोजनम्
अमावस्या के दो दिन बाद, यम द्वितीया पर, कई तेलुगु परिवार भगिनी हस्त भोजनम् मनाते हैं: भाई अपनी बहनों के घर जाते हैं और उनके हाथ से बना और परोसा गया भोजन करते हैं, और बहनों को उपहार मिलते हैं। इसकी कथा भाई दूज जैसी ही है, जिसमें यमुना अपने भाई यम का स्वागत करती हैं। भारत में यह बुधवार, 11 नवंबर 2026 को है। देखें भाई दूज 2026: तिथि, कथा और तिलक विधि।
तेलुगु दीपावली की मिठाइयाँ और नमकीन
- अरिसेलु: चावल के आटे और गुड़ की तली और दबाई हुई टिकियाँ, तटीय आंध्र का पारंपरिक त्योहारी पकवान।
- कज्जिकायलु: नारियल, गुड़ या चीनी और सूखे मेवों से भरी अर्धचंद्राकार गुझिया।
- सुन्नुंडलु: भुनी उड़द दाल और गुड़ के लड्डू।
- चक्किलालु (मुरुकुलु) और गव्वलु: कई दिन पहले बनाए जाने वाले नमकीन और मीठे कुरकुरे व्यंजन।
- पूजा के नैवेद्य के लिए बूंदी लड्डू और पायसम।
रेसिपी: तेलुगु दीपावली रेसिपी: अरिसेलु और कज्जिकायलु और 35 पारंपरिक दिवाली मिठाइयाँ, नमकीन और त्योहारी व्यंजन।
हैदराबाद में दीपावली
हैदराबाद बड़े पैमाने पर दीपावली मनाता है: एक सप्ताह पहले से बाज़ार दीयों, कंदीलों और मिठाइयों से भर जाते हैं, अपार्टमेंट सोसाइटियाँ रोशनी और पटाखों की शामें आयोजित करती हैं, और पूरे शहर के मंदिरों में विशेष लक्ष्मी पूजा होती है। त्योहार के आसपास हैदराबाद का यादव समुदाय सजी-धजी भैंसों के साथ अपना सदर उत्सव भी मनाता है, जो इस शहर की एक विशिष्ट परंपरा है; विवरण के लिए स्थानीय घोषणाएँ देखें। देखें हैदराबाद में दिवाली 2026।
USA में तेलुगु NRI परिवारों के लिए
डैलस (Dallas), सैन फ़्रांसिस्को बे एरिया (San Francisco Bay Area), न्यू जर्सी (New Jersey), अटलांटा (Atlanta), ह्यूस्टन (Houston) और शिकागो (Chicago) के बड़े तेलुगु समुदाय इन परंपराओं को जीवित रखे हुए हैं। द्रिक पंचांग के अनुसार USA में नरक चतुर्दशी शनिवार, 7 नवंबर को है, इसलिए तेल स्नान शनिवार सुबह होगा, और लक्ष्मी पूजा रविवार, 8 नवंबर को है। स्थानीय मुहूर्त के उदाहरण (प्रत्येक स्थानीय समय में):
| शहर | लक्ष्मी पूजा, रवि 8 नवं (स्थानीय समय) | स्रोत |
|---|---|---|
| न्यूयॉर्क सिटी | 5:04 PM से 6:52 PM | द्रिक पंचांग |
| एडिसन, NJ | 5:05 PM से 6:53 PM | गणना (HinduTone, द्रिक पद्धति) |
| डैलस | 5:51 PM से 7:44 PM | गणना (HinduTone, द्रिक पद्धति) |
| ह्यूस्टन | 5:51 PM से 7:46 PM | गणना (HinduTone, द्रिक पद्धति) |
| अटलांटा | 6:00 PM से 7:53 PM | गणना (HinduTone, द्रिक पद्धति) |
| शिकागो | 4:54 PM से 6:41 PM | गणना (HinduTone, द्रिक पद्धति) |
| सैन होज़े / बे एरिया | 5:21 PM से 7:12 PM | गणना (HinduTone, द्रिक पद्धति) |
- हैदराबाद के मुहूर्त को कभी भी US समय में न बदलें; अपने शहर का स्थानीय समय ही अपनाएँ।
- USA में भगिनी हस्त भोजनम् (भाई दूज) मंगलवार, 10 नवंबर को है, जो कार्यदिवस है, इसलिए कई परिवार पारिवारिक भोज सप्ताहांत पर रखते हैं।
- अपार्टमेंट में प्रमिदलु को धातु की थालियों में स्मोक डिटेक्टर से दूर रखें, या LED दीप इस्तेमाल करें; आतिशबाज़ी के स्थानीय क़ानूनों का पालन करें।
- तेलुगु संघ और मंदिर अक्सर दीपावली कार्यक्रम आयोजित करते हैं; तिथियों के लिए उनकी अपनी घोषणाएँ देखें।
- USA के सभी शहर: USA में दिवाली 2026: शहरवार लक्ष्मी पूजा मुहूर्त।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में दीपावली 2026 कब है?
द्रिक पंचांग के अनुसार भारत में दीपावली रविवार, 8 नवंबर 2026 को है। नरक चतुर्दशी भी इसी दिन है: तेल स्नान प्रातःकाल और लक्ष्मी पूजा संध्या को होगी। धनतेरस (धन त्रयोदशी) शुक्रवार, 6 नवंबर को है।
दीपावली 2026 पर हैदराबाद में लक्ष्मी पूजा का समय क्या है?
HinduTone कैलकुलेटर (द्रिक पद्धति) के अनुसार रविवार, 8 नवंबर 2026 को हैदराबाद में मुहूर्त 6:08 PM से 8:09 PM तक है। विजयवाड़ा (6:01 PM से 8:02 PM) और विशाखापत्तनम (5:48 PM से 7:49 PM) के गणना किए गए समय भी लगभग समान हैं। अपने पारिवारिक पुरोहित से या द्रिक पंचांग पर पुष्टि अवश्य करें।
तेलुगु दीपावली में सत्यभामा का महत्व क्यों है?
कई तेलुगु घरों में परंपरा से सुनाई जाने वाली नरकासुर कथा में सत्यभामा श्रीकृष्ण के साथ युद्ध करती हैं और स्वयं नरकासुर को पराजित करती हैं। सत्यभामा तेलुगु संस्कृति की अत्यंत प्रिय पात्र हैं, जिनका गुणगान कुचिपुड़ी नृत्य-नाटिका भामा कलापम् में भी होता है।
केदारेश्वर व्रतम् क्या है?
यह भगवान शिव के केदारेश्वर रूप का व्रत है, जिसे कई तेलुगु परिवार दीपावली के आसपास, प्रायः अमावस्या के दिन, पवित्र धागे और नैवेद्य के साथ करते हैं। हर परिवार की विधि अलग होती है, इसलिए अपने बड़ों का अनुसरण करें। इससे निकटता से जुड़े दक्षिण भारतीय व्रत के लिए हमारा केदार गौरी व्रत 2026 पेज देखें।
USA में तेलुगु परिवारों को कौन-सी तिथियाँ माननी चाहिए?
द्रिक पंचांग के अनुसार USA में धनतेरस शुक्रवार, 6 नवंबर; नरक चतुर्दशी शनिवार, 7 नवंबर; दीपावली रविवार, 8 नवंबर; गोवर्धन पूजा सोमवार, 9 नवंबर और भाई दूज मंगलवार, 10 नवंबर को है। भारत का समय नहीं, अपने शहर का स्थानीय मुहूर्त अपनाएँ।
संपादक की टिप्पणी (8 अक्टूबर 2026)
यह मार्गदर्शिका व्यापक रूप से प्रचलित तेलुगु रीति-रिवाजों का वर्णन करती है; ज़िलों, समुदायों और परिवारों के बीच प्रथाएँ अलग होती हैं, विशेषकर केदारेश्वर व्रतम् और बलि पाड्यमी के लिए, और हमने किसी एक रूप को नियम के रूप में प्रस्तुत करने से परहेज़ किया है। कथाएँ परंपरा के अनुसार दी गई हैं। त्योहार की तिथियाँ द्रिक पंचांग के अनुसार हैं। जिन मुहूर्त समयों को गणना के रूप में चिह्नित किया गया है, वे HinduTone कैलकुलेटर (द्रिक पद्धति) से हैं और उनकी स्थानीय रूप से पुष्टि करनी चाहिए।


