संक्षिप्त उत्तर: नीचे दी गई लक्ष्मी पूजा मुहूर्त 2026 भारत मार्गदर्शिका दीवाली 2026 भारत के लिए है, जो रविवार, 8 नवंबर 2026 को है। नई दिल्ली में लक्ष्मी पूजा मुहूर्त 5:54 PM – 7:50 PM (द्रिक पंचांग) है। मुंबई में यह 6:28 PM – 8:28 PM, कोलकाता में 5:20 PM – 7:19 PM और चेन्नई में 6:07 PM – 8:09 PM है। धनतेरस शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 को है।

इस पृष्ठ पर 30 भारतीय शहरों के सूर्यास्त, प्रदोष काल, लक्ष्मी पूजा मुहूर्त और धनतेरस पूजा मुहूर्त दिए गए हैं। सभी समय भारतीय मानक समय (IST) में हैं।

स्रोत टिप्पणी: नई दिल्ली के समय द्रिक पंचांग से लिए गए हैं और उन पर "द्रिक" अंकित है। बाकी 29 शहरों के समय गणना करके HinduTone ने द्रिक पद्धति (प्रदोष काल और वृषभ लग्न, लाहिड़ी अयनांश) से निकाले हैं। हमारी जाँच में यह पद्धति द्रिक पंचांग से एक-दो मिनट के भीतर मेल खाती है। कृपया पूजा से पहले अपने शहर का समय द्रिक पंचांग पर अवश्य जाँच लें।

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दीवाली 2026 भारत: पाँच दिन

द्रिक पंचांग के अनुसार भारत के लिए दीवाली 2026 की तिथियाँ ये हैं।

दिनत्योहारभारत में तिथि (2026)
दिन 1धनतेरस (धनत्रयोदशी)शुक्रवार, 6 नवंबर
दिन 2नरक चतुर्दशी (छोटी दीवाली)रविवार, 8 नवंबर
दिन 3दीवाली / लक्ष्मी पूजारविवार, 8 नवंबर
दिन 4गोवर्धन पूजा / अन्नकूटमंगलवार, 10 नवंबर
दिन 5भाई दूज (भैया दूज)बुधवार, 11 नवंबर

2026 में नरक चतुर्दशी और लक्ष्मी पूजा एक ही दिन, रविवार 8 नवंबर को पड़ रही हैं। कई परिवार रविवार की सुबह तड़के तेल स्नान (अभ्यंग स्नान) करेंगे और उसी शाम लक्ष्मी पूजा करेंगे। गोवर्धन पूजा दो दिन बाद, मंगलवार 10 नवंबर को है, और भाई दूज बुधवार, 11 नवंबर को है।

लक्ष्मी पूजा मुहूर्त 2026 भारत: शहरवार तालिका

तालिका में रविवार, 8 नवंबर (दीवाली) और शुक्रवार, 6 नवंबर (धनतेरस) के समय दिए गए हैं। सभी समय IST में हैं। "द्रिक" का अर्थ है कि मान द्रिक पंचांग से लिया गया है। बाकी सभी मान गणना करके (द्रिक पद्धति से) निकाले गए हैं। अपने शहर के लिए द्रिक पंचांग पर अवश्य जाँचें।

शहरसूर्यास्त (8 नवंबर)प्रदोष काल (8 नवंबर)लक्ष्मी पूजा मुहूर्त (रवि, 8 नवंबर)धनतेरस पूजा (शुक्र, 6 नवंबर)
नई दिल्ली (द्रिक)5:31 PM5:31 PM – 8:09 PM5:54 PM – 7:50 PM6:02 PM – 7:58 PM
मुंबई6:02 PM6:02 PM – 8:34 PM6:28 PM – 8:28 PM6:36 PM – 8:34 PM
कोलकाता4:55 PM4:55 PM – 7:29 PM5:20 PM – 7:19 PM5:28 PM – 7:27 PM
चेन्नई5:40 PM5:40 PM – 8:09 PM6:07 PM – 8:09 PM6:15 PM – 8:09 PM
बेंगलुरु5:51 PM5:51 PM – 8:20 PM6:18 PM – 8:20 PM6:26 PM – 8:20 PM
हैदराबाद5:42 PM5:42 PM – 8:13 PM6:08 PM – 8:09 PM6:16 PM – 8:13 PM
अहमदाबाद5:58 PM5:58 PM – 8:32 PM6:23 PM – 8:21 PM6:31 PM – 8:29 PM
पुणे5:59 PM5:59 PM – 8:30 PM6:25 PM – 8:25 PM6:32 PM – 8:31 PM
जयपुर5:39 PM5:39 PM – 8:16 PM6:03 PM – 8:00 PM6:12 PM – 8:08 PM
लखनऊ5:19 PM5:19 PM – 7:55 PM5:43 PM – 7:40 PM5:51 PM – 7:47 PM
पटना5:04 PM5:04 PM – 7:39 PM5:29 PM – 7:26 PM5:36 PM – 7:33 PM
भोपाल5:38 PM5:38 PM – 8:12 PM6:03 PM – 8:01 PM6:11 PM – 8:09 PM
इंदौर5:45 PM5:45 PM – 8:19 PM6:10 PM – 8:09 PM6:18 PM – 8:17 PM
चंडीगढ़5:30 PM5:30 PM – 8:08 PM5:53 PM – 7:48 PM6:01 PM – 7:55 PM
अमृतसर5:36 PM5:36 PM – 8:15 PM5:59 PM – 7:53 PM6:06 PM – 8:00 PM
वाराणसी5:13 PM5:13 PM – 7:48 PM5:38 PM – 7:35 PM5:45 PM – 7:43 PM
भुवनेश्वर5:08 PM5:08 PM – 7:41 PM5:34 PM – 7:33 PM5:42 PM – 7:41 PM
गुवाहाटी4:37 PM4:37 PM – 7:13 PM5:02 PM – 6:58 PM5:09 PM – 7:06 PM
कोच्चि6:00 PM6:00 PM – 8:27 PM6:28 PM – 8:27 PM6:35 PM – 8:27 PM
तिरुवनंतपुरम5:59 PM5:59 PM – 8:26 PM6:27 PM – 8:26 PM6:35 PM – 8:26 PM
विशाखापत्तनम5:22 PM5:22 PM – 7:54 PM5:48 PM – 7:49 PM5:57 PM – 7:54 PM
विजयवाड़ा5:34 PM5:34 PM – 8:05 PM6:01 PM – 8:02 PM6:09 PM – 8:05 PM
सूरत5:59 PM5:59 PM – 8:32 PM6:25 PM – 8:24 PM6:33 PM – 8:32 PM
नागपुर5:34 PM5:34 PM – 8:07 PM6:00 PM – 7:59 PM6:08 PM – 8:07 PM
देहरादून5:25 PM5:25 PM – 8:04 PM5:48 PM – 7:43 PM5:57 PM – 7:52 PM
श्रीनगर5:32 PM5:32 PM – 8:13 PM5:54 PM – 7:47 PM6:02 PM – 7:55 PM
रांची5:06 PM5:06 PM – 7:41 PM5:31 PM – 7:29 PM5:39 PM – 7:37 PM
रायपुर5:24 PM5:24 PM – 7:57 PM5:50 PM – 7:49 PM5:58 PM – 7:57 PM
गोवा (पणजी)6:03 PM6:03 PM – 8:33 PM6:30 PM – 8:31 PM6:37 PM – 8:33 PM
कोयंबटूर5:56 PM5:56 PM – 8:24 PM6:24 PM – 8:24 PM6:31 PM – 8:24 PM

इस तालिका में सबसे पहला मुहूर्त गुवाहाटी में है (5:02 PM – 6:58 PM), क्योंकि पूर्व में सूर्य सबसे पहले अस्त होता है। सबसे देर का मुहूर्त गोवा में है (6:30 PM – 8:31 PM)। यदि आपका शहर सूची में नहीं है, तो मोटे अनुमान के लिए निकटतम शहर का समय देखें और सटीक समय के लिए द्रिक पंचांग जाँचें।

लक्ष्मी पूजा मुहूर्त कैसे निकाला जाता है

दीवाली का मुहूर्त पूरे भारत के लिए एक निश्चित समय नहीं होता। यह दो भागों से मिलकर बनता है:

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  • प्रदोष काल: वह अवधि जो सूर्यास्त से शुरू होती है और रात के लगभग पाँचवें भाग तक रहती है। नवंबर में भारतीय शहरों में यह लगभग ढाई घंटे की होती है। अमावस्या पर लक्ष्मी पूजा प्रदोष काल में की जाती है।
  • स्थिर लग्न: पूर्वी क्षितिज पर उदित होने वाली राशि लगभग हर दो घंटे में बदलती है। वृषभ एक "स्थिर" राशि है। परंपरा कहती है कि जब स्थिर लग्न में लक्ष्मी जी की पूजा की जाती है, तो उनका आशीर्वाद घर में स्थिर रहता है।
  • मुहूर्त: वह समय जब प्रदोष काल के भीतर वृषभ लग्न उदित हो रहा हो। यही मेल तालिका में दिया गया लक्ष्मी पूजा मुहूर्त है।

शुक्रवार, 6 नवंबर को धनतेरस पूजा मुहूर्त भी इसी प्रकार निकाला जाता है: त्रयोदशी पर प्रदोष काल, साथ में वृषभ लग्न। चूँकि सूर्यास्त और लग्न दोनों स्थान पर निर्भर करते हैं, इसलिए एक ही घड़ी के समय (IST) वाले दो शहरों का मुहूर्त भी अलग हो सकता है।

घर पर लक्ष्मी-गणेश पूजा की चरण-दर-चरण विधि

यह एक संक्षिप्त सारांश है। परिवार कई क्षेत्रीय परंपराओं का पालन करते हैं, इसलिए इसे अपनी परंपरा के अनुसार अपनाएँ। मंत्रों सहित पूरी विधि के लिए हमारी लक्ष्मी पूजा विधि 2026 मार्गदर्शिका देखें।

  • 1. घर तैयार करें: दीवाली से पहले के दिनों में घर की साफ़-सफ़ाई करें। दीवाली के दिन प्रवेश द्वार पर रंगोली बनाएँ और दरवाज़े पर दीये रखें।
  • 2. पूजा स्थल सजाएँ: लकड़ी की एक छोटी चौकी पर लाल या पीला कपड़ा बिछाएँ। उस पर लक्ष्मी जी और गणेश जी के चित्र या मूर्तियाँ रखें। कई परिवार आम के पत्तों और नारियल के साथ एक कलश (जल पात्र) भी रखते हैं।
  • 3. स्नान और वस्त्र: मुहूर्त शुरू होने से पहले स्नान करके स्वच्छ या नए वस्त्र पहनें।
  • 4. संकल्प: मुहूर्त के भीतर मुख्य दीपक जलाएँ और हाथ में जल, अक्षत और फूल लेकर छोटा-सा संकल्प लें।
  • 5. पहले गणेश जी: सबसे पहले फूल, कुमकुम, अक्षत और मिठाई से गणेश जी की पूजा करें, ताकि पूजा निर्विघ्न संपन्न हो।
  • 6. लक्ष्मी पूजा: लक्ष्मी जी को फूल (हो सके तो कमल), कुमकुम, हल्दी, अक्षत, मिठाई और फल अर्पित करें। कई परिवार उनके सामने सिक्के, गहने या बही-खाते भी रखते हैं। "ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः" जैसे सरल मंत्र का जाप करें।
  • 7. आरती: लक्ष्मी जी की आरती और गणेश जी की आरती गाएँ, फिर परिवार के हर सदस्य को आरती दें।
  • 8. हर जगह दीये: पूजा के बाद हर कमरे में, खिड़कियों पर और मुख्य द्वार पर दीये जलाएँ। परिवार और पड़ोसियों के साथ प्रसाद बाँटें।

भारत में रहने वाले परिवारों और घर फ़ोन करने वाले NRI के लिए सुझाव

  • 2026 में दीवाली रविवार को है, इसलिए कई कामकाजी परिवार उसी दिन घर पर पूरी पूजा कर सकते हैं।
  • सूर्यास्त से पहले तैयारी शुरू कर दें। मुख्य पूजन और आरती अपने शहर के मुहूर्त के भीतर ही करें।
  • दीवाली से पहले के दिनों में ट्रैफ़िक और बाज़ारों में बहुत भीड़ रहती है। पूजा सामग्री और मिठाइयाँ जल्दी ख़रीद लें, ख़ासकर शुक्रवार, 6 नवंबर को धनतेरस के लिए।
  • पटाखों से जुड़े स्थानीय नियमों का पालन करें। कई शहर पटाखों के प्रकार या उन्हें चलाने के समय पर रोक लगाते हैं। दीयों और रंगोली के साथ पटाखा-मुक्त दीवाली मनाने पर विचार करें।
  • यदि आप विदेश में रहते हैं, तो भारत के इन समयों का उपयोग न करें। लक्ष्मी पूजा स्थानीय सूर्यास्त से जुड़ी है, इसलिए अपने शहर के मुहूर्त का ही उपयोग करें। अन्य देशों के शहरवार पृष्ठ नीचे संबंधित मार्गदर्शिकाओं में देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2026 में भारत में लक्ष्मी पूजा कब है?

लक्ष्मी पूजा रविवार, 8 नवंबर 2026 को है, जो भारत में दीवाली का मुख्य दिन है। इस वर्ष नरक चतुर्दशी भी रविवार, 8 नवंबर को ही पड़ रही है। धनतेरस शुक्रवार, 6 नवंबर को है।

दीवाली 2026 पर दिल्ली में लक्ष्मी पूजा मुहूर्त क्या है?

द्रिक पंचांग के अनुसार, रविवार, 8 नवंबर 2026 को नई दिल्ली में लक्ष्मी पूजा मुहूर्त 5:54 PM – 7:50 PM है। दिल्ली में प्रदोष काल 5:31 PM – 8:09 PM है।

हर भारतीय शहर में मुहूर्त अलग क्यों होता है?

सभी भारतीय शहर एक ही घड़ी (IST) का उपयोग करते हैं, लेकिन सूर्यास्त अलग-अलग समय पर होता है। गुवाहाटी में सूर्यास्त 4:37 PM पर और गोवा में 6:03 PM पर होता है। प्रदोष काल स्थानीय सूर्यास्त से शुरू होता है, और वृषभ लग्न भी स्थान पर निर्भर करता है। इसलिए हर शहर का अपना अलग मुहूर्त होता है।

क्या ये समय द्रिक पंचांग से लिए गए हैं?

नई दिल्ली के समय द्रिक पंचांग से लिए गए हैं। बाकी 29 शहरों के समय HinduTone ने द्रिक पद्धति (प्रदोष काल और वृषभ लग्न) से गणना करके निकाले हैं। हमारी जाँच में यह पद्धति द्रिक पंचांग से एक-दो मिनट के भीतर मेल खाती है। कृपया अपने शहर का समय द्रिक पंचांग पर अवश्य जाँच लें।

2026 में धनतेरस पूजा मुहूर्त क्या है?

धनतेरस शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 को है। नई दिल्ली में धनतेरस पूजा मुहूर्त 6:02 PM – 7:58 PM है। इस पृष्ठ की तालिका में सभी 30 शहरों का समय दिया गया है।

यदि मैं मुहूर्त के भीतर पूजा न कर पाऊँ तो क्या करें?

मुहूर्त सबसे उत्तम समय है, लेकिन यदि आप शाम को बाद में पूजा करें तब भी पूजा सार्थक रहती है। कई परिवार मुहूर्त से पहले तैयारी शुरू कर देते हैं और मुख्य लक्ष्मी-गणेश पूजन और आरती मुहूर्त के भीतर करते हैं। अपनी पारिवारिक परंपरा और अपने पुरोहित की सलाह का पालन करें।

संपादकीय टिप्पणी

संपादकीय टिप्पणी (6 अक्टूबर 2026): पहले वाला संस्करण खो जाने के बाद यह मार्गदर्शिका अपने मूल पते पर फिर से उपलब्ध कराई गई है। त्योहार की तिथियाँ भारत के लिए द्रिक पंचांग से ली गई हैं। नई दिल्ली का मुहूर्त द्रिक पंचांग से है। अन्य शहरों के समय HinduTone ने द्रिक पद्धति से गणना करके निकाले हैं और IST में दिखाए गए हैं। कृपया पूजा से पहले अपने शहर का समय द्रिक पंचांग पर अवश्य जाँच लें।

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