संक्षिप्त उत्तर: सिक्किम में दशहरा सबसे बढ़कर दशैं के रूप में मनाया जाता है। 2026 में विजयादशमी (टीका का दिन) मंगलवार, 20 अक्टूबर को है, और गंगटोक का विजय मुहूर्त दोपहर 1:14 से 2:00 PM तक है (द्रिक पंचांग, स्थानीय समय)। घटस्थापना और नवरात्रि रविवार, 11 अक्टूबर से आरंभ होंगी, और दुर्गा अष्टमी तथा महानवमी दोनों सोमवार, 19 अक्टूबर 2026 को पड़ रही हैं।

सिक्किम एक छोटा हिमालयी राज्य है, पर इसका त्योहारों का कैलेंडर बहुत बड़ा है। लोसार और सागा दावा जैसे बौद्ध त्योहार हिंदू त्योहारों के साथ-साथ मनाए जाते हैं, और शरद ऋतु में नेपाली भाषी बहुसंख्यक समाज दशहरे का नेपाली रूप दशैं ऐसे उत्साह से मनाता है कि गंगटोक (Gangtok), नामची (Namchi) और हर पहाड़ी गाँव उल्लास से भर उठता है। बंगाली और अन्य समुदाय दुर्गा पूजा के पंडाल सजाते हैं, और उत्तर भारतीय परिवार रामलीला जैसे आयोजनों के साथ दशहरा मनाते हैं। यह मार्गदर्शिका 2026 की तिथियाँ, गंगटोक का विजय मुहूर्त, जानने योग्य परंपराएँ तथा पर्यटकों और घर से दूर रहने वाले सिक्किमी परिवारों के लिए सुझाव देती है।

दशैं और दशहरा 2026 की प्रमुख तिथियाँ

पर्वतिथि (2026)
घटस्थापना (नवरात्रि आरंभ)रविवार, 11 अक्टूबर
दुर्गा अष्टमी और महानवमीसोमवार, 19 अक्टूबर
विजयादशमी / दशहरा (टीका का दिन)मंगलवार, 20 अक्टूबर
दशमी तिथि20 अक्टूबर 12:50 PM IST से 21 अक्टूबर 2:11 PM IST तक
दिवालीरविवार, 8 नवंबर

2026 में अष्टमी और नवमी एक ही दिन पड़ रही हैं, इसलिए परिवार सोमवार, 19 अक्टूबर को दोनों के अनुष्ठान करेंगे। कई नेपाली भाषी परिवार नेपाल में घोषित टीका साइत (शुभ समय) का भी पालन करते हैं; जहाँ यह स्थानीय गणना से भिन्न हो, वहाँ अपने कुल पुरोहित के मार्गदर्शन का पालन करें। विजयादशमी के बाद भी दशैं चलता रहता है, क्योंकि परिवार अपने सभी बड़ों से टीका लेने के लिए यात्रा करते हैं, और यह कोजाग्रत पूर्णिमा तक जारी रहता है।

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गंगटोक के लिए विजय मुहूर्त 2026

शहरविजय मुहूर्त (20 अक्टूबर 2026)
गंगटोक1:14 से 2:00 PM

ध्यान दें कि दशमी तिथि 20 अक्टूबर को 12:50 PM IST पर आरंभ होती है, जो गंगटोक के मुहूर्त से कुछ ही पहले है। सिक्किम मध्य भारत से काफ़ी पूर्व में स्थित है, इसलिए यहाँ के मुहूर्त दिल्ली या मुंबई की तुलना में काफ़ी पहले होते हैं। नामची, ग्यालशिंग (गेज़िंग) या मंगन जैसे कस्बों के लिए समय गंगटोक से कुछ ही मिनटों के अंतर पर रहेगा; सटीक समय चाहिए तो स्थानीय पंचांग देखें।

सिक्किम में दशैं कैसे मनाया जाता है

घटस्थापना और जमरा

पहले दिन परिवार पूजा कक्ष में कलश स्थापित करते हैं और उसके चारों ओर रेत व मिट्टी में जौ (और कभी-कभी मक्का) के बीज बोते हैं। जमरा नवरात्रि भर अँधेरे में उगता है, हल्का पीला हो जाता है, और देवी दुर्गा की प्रार्थना के साथ प्रतिदिन उसकी पूजा की जाती है। कुछ घरों में दुर्गा सप्तशती (चंडी पाठ) का पाठ भी किया जाता है।

फूलपाती, अष्टमी और नवमी

सप्तमी के दिन फूलपाती, यानी पवित्र फूलों, पत्तों और पौधों का गुच्छा, घर में लाया जाता है। महाअष्टमी और महानवमी देवी के उग्र रूपों को समर्पित होती हैं; इन दिनों देवी मंदिरों में पूजा होती है और कुछ परिवारों में पारंपरिक पशु बलि दी जाती है, जबकि कई अन्य परिवार इसके स्थान पर फल और सब्ज़ियाँ अर्पित करते हैं। नवमी पर सुरक्षा और सफलता के लिए वाहनों, औज़ारों और शस्त्रों की पूजा की जाती है।

विजयादशमी: टीका और आशीर्वाद

विजयादशमी पर बड़े-बुज़ुर्ग परिवार के छोटे सदस्यों के माथे पर चावल, दही और लाल अबीर से बना टीका लगाते हैं, उनके कानों के पीछे जमरा रखते हैं और उन्हें आशीर्वाद देते हैं, अक्सर थोड़ी दक्षिणा के साथ। अगले कुछ दिनों में परिवार राज्य भर में रिश्तेदारों के यहाँ जाते हैं और सेल रोटी, मांस की करी, अचार और मिठाइयाँ बाँटते हैं। कई गाँवों में पतंगबाज़ी और पिंग (बाँस के झूले) भी इस मौसम का हिस्सा हैं।

गंगटोक में दुर्गा पूजा और दशहरा

गंगटोक और अन्य कस्बों में स्थानीय समितियाँ दुर्गा पूजा पंडाल सजाती हैं, जहाँ बंगाली, नेपाली और अन्य समुदाय आरती, पुष्पांजलि, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और दशमी पर देवी के विसर्जन के लिए एक साथ आते हैं। उत्तर भारतीय निवासी और कुछ स्थानीय समितियाँ दशहरे पर रामायण कार्यक्रम और पुतला दहन भी आयोजित करती हैं। स्थान और समय हर वर्ष स्थानीय रूप से घोषित किए जाते हैं।

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सिक्किम में दर्शन योग्य मंदिर

सिक्किम का सबसे प्रसिद्ध हिंदू तीर्थ नामची के पास सोलोफोक (Solophok) स्थित चारधाम परिसर है, जहाँ चारों धामों की प्रतिकृतियाँ और भगवान शिव की एक विशाल प्रतिमा एक साथ हैं। गंगटोक का ठाकुरबाड़ी (Thakurbari) मंदिर राज्य के पुराने हिंदू मंदिरों में से एक है। नवरात्रि के दौरान पूरे सिक्किम के देवी स्थलों और स्थानीय मंदिरों में भक्तों की भीड़ रहती है। वर्तमान समय और व्यवस्थाओं के लिए प्रत्येक मंदिर की आधिकारिक वेबसाइट या स्थानीय जानकारी देखें।

पर्यटकों के लिए सुझाव

  • अक्टूबर पर्यटन का चरम मौसम है, और दशैं से भीड़ और बढ़ जाती है। होटल और टैक्सी काफ़ी पहले से बुक करें।
  • मुख्य टीका दिनों के आसपास कई दुकानें, दफ़्तर और स्थानीय टैक्सियाँ बंद रह सकती हैं या सीमित सेवाएँ दे सकती हैं, क्योंकि लोग अपने परिवारों के पास जाते हैं।
  • कुछ प्रतिबंधित क्षेत्रों के लिए भारतीय पर्यटकों को और सिक्किम आने वाले सभी विदेशी पर्यटकों को परमिट की आवश्यकता होती है; यात्रा से पहले वर्तमान आधिकारिक नियम अवश्य जाँचें।
  • यदि कोई परिवार आपको टीका के लिए आमंत्रित करे, तो सहर्ष स्वीकार करें; यह आत्मीयता का प्रतीक है। शालीन कपड़े पहनें और अपने मेज़बानों का अनुसरण करें।
  • हिंदू और बौद्ध दोनों पवित्र स्थलों का सम्मान करें: स्तूपों और प्रार्थना चक्रों की परिक्रमा दक्षिणावर्त करें और मंदिरों में जूते उतारें।

घर से दूर रहने वाले सिक्किमी परिवारों के लिए

  • गंगटोक के विजय मुहूर्त को किसी दूसरे टाइम ज़ोन में न बदलें। अपने शहर का पंचांग देखें या अपने सामुदायिक संगठन का अनुसरण करें।
  • घटस्थापना पर घर में जमरा बोएँ; जौ अधिकांश हेल्थ-फ़ूड या किराना स्टोर में मिल जाता है।
  • मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 अधिकांश देशों में कामकाजी दिन है। शाम को टीका दें या लें और सप्ताहांत पर नेपाली समुदाय के मिलन समारोह में शामिल हों।
  • विजयादशमी पर सिक्किम में रहने वाले बड़ों को वीडियो कॉल करके उनका आशीर्वाद लें।

नेपाल में दशैं के लिए हमारी दशैं 2026 मार्गदर्शिका देखें। व्यापक पर्व और पूरी पूजा विधि के लिए देखें हमारी दशहरा / विजयादशमी 2026 मुख्य मार्गदर्शिका.

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सिक्किम में दशहरा (दशैं) 2026 कब है?

विजयादशमी मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 को है। नवरात्रि और घटस्थापना रविवार, 11 अक्टूबर से आरंभ होंगी, और दुर्गा अष्टमी तथा महानवमी दोनों सोमवार, 19 अक्टूबर 2026 को पड़ रही हैं (द्रिक पंचांग, भारत)।

दशहरा 2026 पर गंगटोक में विजय मुहूर्त क्या है?

द्रिक पंचांग के अनुसार 20 अक्टूबर 2026 को स्थानीय समय से दोपहर 1:14 से 2:00 PM तक।

सिक्किम में दशैं इतना महत्वपूर्ण क्यों है?

सिक्किम की अधिकांश आबादी नेपाली भाषी है, और इन समुदायों के लिए दशैं वर्ष का सबसे बड़ा त्योहार है, जिसे घटस्थापना, जमरा, पारिवारिक मिलन और विजयादशमी पर बड़ों से टीका लेकर मनाया जाता है। सिक्किम में लंबे समय से बसे बंगाली और अन्य हिंदू समुदाय भी हैं, जो दुर्गा पूजा मनाते हैं।

क्या सिक्किम में दशैं पर छुट्टी होती है?

सिक्किम हर वर्ष दशैं के आसपास सार्वजनिक अवकाश घोषित करता है। सटीक तिथियों के लिए 2026 की सिक्किम सरकार की आधिकारिक अवकाश सूची देखें।

क्या मैं दशैं के दौरान सिक्किम घूमने जा सकता हूँ?

हाँ। अक्टूबर साफ़ पहाड़ी नज़ारों वाला लोकप्रिय मौसम है, लेकिन कई स्थानीय लोग अपने परिवारों के घर जाते हैं और टीका के दिनों के आसपास कुछ व्यवसाय बंद रहते हैं। यात्रा की बुकिंग पहले से करें और उत्तर सिक्किम (North Sikkim) तथा नाथू ला (Nathu La) जैसे प्रतिबंधित क्षेत्रों के लिए परमिट की आवश्यकताएँ जाँच लें।

संपादकीय टिप्पणी

संपादकीय टिप्पणी (5 अक्टूबर 2026): पिछला संस्करण खो जाने के बाद यह पृष्ठ अपने मूल पते पर पुनः स्थापित किया गया है। तिथियाँ और गंगटोक का विजय मुहूर्त भारत के लिए द्रिक पंचांग से लिए गए हैं। हमने पूजा समितियों, स्थानों, सार्वजनिक अवकाश की तिथियों या मंदिरों के समय की सूची नहीं दी है, क्योंकि ये हर वर्ष बदलते हैं; कृपया सिक्किम सरकार की आधिकारिक अवकाश सूची और मंदिर की आधिकारिक वेबसाइट देखें। परमिट के नियम बदल सकते हैं, इसलिए यात्रा से पहले आधिकारिक स्रोतों से उनकी पुष्टि कर लें।

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