दिवाली 2026: दिन की पूजाएँ, अनुष्ठान और मंत्र
दीपावली उत्सव की संपूर्ण मार्गदर्शिका — www.Hindutone.com की ओर से, पवित्र हिंदू परंपराओं का संरक्षण। दिवाली 2026 का शुभ समय (रविवार, 8 नवंबर) लक्ष्मी पूजा मुहूर्त:…

दीपावली उत्सव की संपूर्ण मार्गदर्शिका — www.
संपूर्ण मार्गदर्शिका: दीपावली उत्सव
प्रस्तुति: www.Hindutone.com — पवित्र हिंदू परंपराओं का संरक्षण
शुभ समय: दिवाली 2026 (रविवार, 8 नवंबर)
लक्ष्मी पूजा मुहूर्त: शाम (प्रदोष काल में, सूर्यास्त के बाद)
सर्वोत्तम समय: जब स्थिर लग्न और अमावस्या तिथि एक साथ हों
अवधि: लगभग 1 घंटा 45 मिनट से 2 घंटे (शहर के अनुसार भिन्न)
अपने क्षेत्र के सटीक समय के लिए स्थानीय पंचांग देखें।
पूजा से पहले आवश्यक तैयारियाँ
घर की अच्छी तरह सफ़ाई करें और रंगोली, फूलों और दीयों से सजाएँ।
पूजा की वेदी उत्तर या पूर्व दिशा की ओर मुख करके तैयार करें।
पवित्र स्नान करें (हो सके तो सूर्योदय से पहले) और स्वच्छ वस्त्र पहनें।
पूजा सामग्री एकत्र करें: लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति या चित्र, फूल, धूप, कपूर, फल, मिठाई, सिक्के और नए बही-खाते।
पूजा शुरू करने से पहले पूरे घर में दीये जलाएँ।
दिवाली की मुख्य पूजा विधियाँ
1. गणेश पूजा (गणेश वंदना से आरंभ)
मंत्र:
ॐ गं गणपतये नमः
ॐ गं गणपतये नमः (Om Gam Ganapataye Namaha)
अर्थ: विघ्नहर्ता भगवान गणेश को नमस्कार।
गणेश श्लोक:
वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ।
निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥
वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ, निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा।
अर्थ: हे घुमावदार सूँड वाले, विशाल शरीर वाले और करोड़ों सूर्यों के समान तेजस्वी प्रभु, मेरे मार्ग की सभी बाधाएँ दूर करें।
2. लक्ष्मी पूजा (मुख्य पूजा)
मूल लक्ष्मी मंत्र:
ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः
ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः (Om Shreem Mahalakshmyai Namaha)
अर्थ: देवी महालक्ष्मी को नमस्कार।
लक्ष्मी बीज मंत्र:
ॐ ह्रीं श्रीं क्रीं श्रीं क्रीं क्लीं श्रीं महालक्ष्म्यै नमः॥
ॐ ह्रीं श्रीं क्रीं श्रीं क्रीं क्लीं श्रीं महालक्ष्म्यै नमः (Om Hreem Shreem Kreem Shreem Kreem Kleem Shreem Mahalakshmyai Namaha)
अर्थ: देवी लक्ष्मी का आशीर्वाद पाने के लिए बीज मंत्र।
लक्ष्मी स्तुति:
या साक्षात् क्षीरसागरराजतनया श्रीरङ्गधामेश्वरी दासीभूतसमस्तदेववनिता लोकैकदीपाङ्कुरा।
श्रीमन्मन्दकटाक्षलब्धविभव ब्रह्मेन्द्रगङ्गाधरा त्वं त्रैलोक्य कुटुम्बिनीं सरसिजां वन्दे मुकुन्दप्रियाम्॥
अर्थ: हे क्षीरसागर की पुत्री, वैकुंठ में निवास करने वाली, सभी देवियों द्वारा सेवित, संसार की ज्योति, जो अपनी कृपा-दृष्टि से ब्रह्मा, इंद्र और शिव को वैभव प्रदान करती हैं—कमल पर विराजमान, तीनों लोकों की माता और भगवान विष्णु की प्रिया, मैं आपकी वंदना करता हूँ।
3. कुबेर पूजा (धन के देवता)
मंत्र:
ॐ यक्षाय कुबेराय वैश्रवणाय धनधान्याधिपतये धनधान्यसमृद्धिं मे देहि दापय स्वाहा॥
ॐ यक्षाय कुबेराय वैश्रवणाय धनधान्याधिपतये धनधान्य समृद्धिं मे देहि दापय स्वाहा (Om Yakshaya Kuberaya Vaishravanaya Dhanadhanyadhipataye Dhanadhanya Samriddhim Me Dehi Dapaya Swaha)
अर्थ: धन और समृद्धि प्रदान करने वाले भगवान कुबेर को नमस्कार।
4. सरस्वती पूजा (ज्ञान और विवेक के लिए)
मंत्र:
ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः
ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः (Om Aim Saraswatyai Namaha)
अर्थ: देवी सरस्वती को नमस्कार।
चरण-दर-चरण पूजा विधि
- संकल्प: दाहिनी हथेली में जल लेकर पूजा का संकल्प और उद्देश्य बोलें।
- कलश स्थापना: आम के पत्तों और नारियल के साथ जल से भरा कलश स्थापित करें।
- गणेश पूजन: विघ्न-निवारण के लिए भगवान गणेश की पूजा करें।
- लक्ष्मी आवाहन: मंत्रों और प्रार्थनाओं से देवी लक्ष्मी का आवाहन करें।
- पंचोपचार: पाँच उपचार अर्पित करें:
- गंध (चंदन)
- पुष्प (फूल)
- धूप
- दीप (दीया)
- नैवेद्य (भोग)
- षोडशोपचार: संभव हो तो 16 चरणों वाली विस्तृत पूजा करें।
- लक्ष्मी अष्टक या चालीसा: देवी लक्ष्मी को समर्पित स्तोत्रों का पाठ करें।
- आरती: कपूर या घी के दीपक से आरती करें।
- प्रसाद वितरण: परिवार के सभी सदस्यों में प्रसाद बाँटें।
- प्रदक्षिणा: देवता की घड़ी की दिशा में तीन बार परिक्रमा करें।
दिवाली के आवश्यक मंत्र और स्तोत्र
महालक्ष्मी अष्टकम् (प्रथम श्लोक)
नमस्तेऽस्तु महामाये श्रीपीठे सुरपूजिते।
शङ्खचक्रगदाहस्ते महालक्ष्मि नमोऽस्तु ते॥
नमस्तेऽस्तु महामाये श्रीपीठे सुरपूजिते, शंख-चक्र-गदा-हस्ते महालक्ष्मि नमोऽस्तु ते।
अर्थ: हे महामाया, कमलासन पर विराजमान, देवताओं द्वारा पूजित, शंख, चक्र और गदा धारण करने वाली देवी, आपको नमस्कार।
लक्ष्मी गायत्री मंत्र
ॐ महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णुप्रिययै च धीमहि।
तन्नो लक्ष्मीः प्रचोदयात्॥
ॐ महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णुप्रियायै च धीमहि, तन्नो लक्ष्मी प्रचोदयात्।
अर्थ: हम विष्णुप्रिया देवी महालक्ष्मी का ध्यान करें; वे हमें प्रेरणा और मार्गदर्शन दें।
विश्व शांति मंत्र
ॐ सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः।
सर्वे भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चिद् दुःख भाग्भवेत्॥
ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः॥
ॐ सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः, सर्वे भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चिद् दुःख भाग्भवेत्, ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः।
अर्थ: सभी सुखी हों, सभी स्वस्थ हों, सभी को समृद्धि मिले, कोई भी दुःखी न हो।
दिवाली के अन्य अनुष्ठान
दीपदान (दीप प्रज्वलन)
पूरे घर में 5, 11, 21 या 51 दीये जलाएँ।
दीये मुख्य द्वार पर, पूजा कक्ष में और घर के चारों कोनों में रखें।
तुलसी के पौधे के पास एक विशेष दीया जलाएँ।
यदि संभव हो तो जलाशयों में दीये प्रवाहित करें।
चोपड़ा पूजन (बही-खाता पूजा)
नए व्यापारिक बही-खाते देवताओं के सामने रखें।
पहले पृष्ठ पर “शुभ लाभ” (शुभ लाभ – मंगलमय लाभ) लिखें।
व्यापार की समृद्धि के लिए प्रार्थना करें।
व्यापार के नए वित्तीय वर्ष का शुभारंभ करें।
गोवर्धन पूजा (दिवाली के बाद — भारत में 10 नवंबर 2026)
गोबर या मिट्टी से छोटे पर्वत की आकृति बनाएँ।
भगवान कृष्ण द्वारा गोवर्धन पर्वत उठाने की स्मृति में प्रार्थना करें।
अन्नकूट (भोजन का पर्वत) का भोग तैयार करें।
महत्वपूर्ण दिशानिर्देश
पूरी पूजा के दौरान पवित्रता और स्वच्छता बनाए रखें।
पूर्ण भक्ति और एकाग्रता से पूजा करें।
मासिक धर्म के दौरान महिलाएँ मानसिक रूप से पूजा कर सकती हैं।
पूजा के समय इलेक्ट्रॉनिक उपकरण साइलेंट रखें।
इस पवित्र दिन मांसाहार और मदिरा से दूर रहें।
दीपक को पूरी रात जलने दें।
पड़ोसियों और ज़रूरतमंदों के साथ प्रसाद बाँटें।
दिवाली पूजा के लाभ
घर में समृद्धि, धन और प्रचुरता आती है।
नकारात्मक ऊर्जा और बाधाएँ दूर होती हैं।
पारिवारिक संबंधों में सामंजस्य और शांति आती है।
पूरे वर्ष के लिए देवी लक्ष्मी का आशीर्वाद मिलता है।
आध्यात्मिक जुड़ाव और भक्ति प्रबल होती है।
मन, शरीर और वातावरण शुद्ध होते हैं।
संपूर्ण लक्ष्मी आरती
ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता।
तुमको निसदिन सेवत, हर विष्णु विधाता॥
ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता,
तुमको निसदिन सेवत, हर विष्णु विधाता।
(पूजा के दौरान पूरी आरती गाएँ।)
शुभ दीपावली
दिवाली का दिव्य प्रकाश आपके जीवन को समृद्धि, स्वास्थ्य और खुशियों से आलोकित करे।
॥ हर हर महादेव ॥ जय माता लक्ष्मी ॥
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दिवाली 2026 की शुभकामनाएँ साझा करें
दिवाली की संध्या जब पूजा की थाली सजती है, गणेश वंदना होती है और लक्ष्मी पूजा के दीप जलते हैं, तब पूरा घर एक मंदिर बन जाता है। हर दीया हमारे भीतर की ज्योति का प्रतीक है, जो अज्ञान और निराशा के अंधकार पर प्रकाश की विजय का उत्सव मनाती है। माँ लक्ष्मी की कृपा और श्री गणेश के आशीर्वाद से यह दिवाली 2026 आपके घर में शांति और सद्भाव लाए। पूजा और आरती के बाद, नीचे दिया गया कोई एक आशीर्वाद अपने परिवार और प्रियजनों के साथ साझा करें।
दीप श्लोक: दीपक की प्रार्थना
शुभं करोति कल्याणम् आरोग्यं धनसम्पदा। शत्रुबुद्धिविनाशाय दीपज्योतिर्नमोऽस्तु ते॥
Shubham karoti kalyanam arogyam dhana-sampada, shatru-buddhi-vinashaya deepa-jyotir namostu te.
"शुभं करोति कल्याणम्" दीप प्रार्थना में हम दीपक की ज्योति को नमन करते हैं, जो शुभ और कल्याण, आरोग्य और समृद्धि लाती है तथा बैर और दुर्भावना का नाश करती है।
दिवाली के लिए लक्ष्मी मंत्र
ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः॥
Om Shreem Mahalakshmyai Namah.
"ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः" का अर्थ है महालक्ष्मी को प्रणाम, जहाँ "श्रीं" देवी लक्ष्मी का बीज अक्षर है।
साझा करने के लिए दिवाली 2026 संदेश
🪔 शुभ दीपावली! लक्ष्मी पूजा के ये पावन दीप आपके पूरे परिवार के जीवन को प्रेम, आरोग्य और सुख-शांति से जगमगा दें। ✨🙏 WhatsApp पर भेजें
🙏 पूज्य माता-पिता और बड़ों को दीपावली का सादर प्रणाम। आपके आशीर्वाद से ही हमारी हर पूजा पूर्ण होती है, भगवान आपको स्वस्थ और प्रसन्न रखें। 🪔 WhatsApp पर भेजें
✨ प्रिय मित्र, दिवाली की आरती की लौ तुम्हारे जीवन से हर अंधेरा दूर करे और तुम्हारे घर में हँसी, मिठास और नई उमंग भर दे। हैप्पी दिवाली! 🪔🌸 WhatsApp पर भेजें
🪔 सभी सहयोगियों और ग्राहकों को दीपावली की शुभकामनाएँ। माँ लक्ष्मी हमारे नए बही-खातों में शुभ और लाभ लिखें और हमारे संबंधों में विश्वास बना रहे। 🙏 WhatsApp पर भेजें
🌸 हे माँ महालक्ष्मी, इस दिवाली की रात हर घर में पधारिए, हर दीये में अपनी कृपा भर दीजिए और हर हृदय को संतोष व करुणा से आलोकित कीजिए। जय माँ लक्ष्मी! 🪔 WhatsApp पर भेजें
🙏 जैसे प्रभु श्रीराम के अयोध्या लौटने पर हर घर दीपों से जगमगा उठा था, वैसे ही आपका घर भी आनंद और मंगल से भर जाए। जय श्री राम! शुभ दीपावली! ✨🪔 WhatsApp पर भेजें
दिवाली की एक छोटी प्रार्थना
हे श्री गणेश, हे माँ लक्ष्मी, दिवाली की इस पवित्र संध्या में मैं विनम्रता से आपके सामने दीप जलाकर नमन करता हूँ। मेरी पूजा में जो कमी रह गई हो, उसे क्षमा कीजिए। मेरे परिवार को अच्छा स्वास्थ्य, आपसी प्रेम और शांति दीजिए। मुझे हर दिन कृतज्ञ रहने और सच्चे मन से परिश्रम करने की प्रेरणा दीजिए, और मेरे भीतर के अंधकार को अपने प्रकाश से दूर कीजिए।
इन शुभकामनाओं को अपने परिवार और मित्रों तक पहुँचाने के लिए इस पेज के शेयर बटन का उपयोग करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
2026 में दिवाली की लक्ष्मी पूजा कब है?
दिवाली रविवार, 8 नवंबर 2026 को है। लक्ष्मी पूजा शाम को सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में की जाती है, आदर्श रूप से जब स्थिर लग्न और अमावस्या तिथि एक साथ हों, इसलिए अपने शहर का सटीक समय जानने के लिए स्थानीय पंचांग अवश्य देखें।
दिवाली पूजा में कौन-से मंत्र जपे जाते हैं?
पूजा भगवान गणेश के मंत्र ॐ गं गणपतये नमः से शुरू होती है, उसके बाद ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः और लक्ष्मी गायत्री जैसे लक्ष्मी मंत्र जपे जाते हैं। कई परिवार कुबेर मंत्र, ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः और महालक्ष्मी अष्टकम् का पहला श्लोक भी पढ़ते हैं।
घर पर दिवाली लक्ष्मी पूजा विधि के चरण क्या हैं?
सामान्य क्रम है संकल्प, कलश स्थापना, गणेश पूजन, लक्ष्मी आवाहन और चंदन, पुष्प, धूप, दीप व नैवेद्य का पंचोपचार अर्पण। पूजा का समापन लक्ष्मी अष्टक या चालीसा, आरती, प्रसाद वितरण और घड़ी की दिशा में तीन प्रदक्षिणाओं से होता है।
दिवाली पर लक्ष्मी से पहले भगवान गणेश की पूजा क्यों की जाती है?
गणेश जी को विघ्नहर्ता के रूप में पूजा जाता है, इसलिए हिंदू पूजाएँ परंपरागत रूप से उन्हीं से शुरू होती हैं। देवी लक्ष्मी का आवाहन करने से पहले भक्त वक्रतुण्ड महाकाय श्लोक का पाठ करते हैं, ताकि पूजा और आने वाला वर्ष बिना किसी बाधा के संपन्न हो।
NRI परिवार 2026 में विदेश में दिवाली पूजा कैसे करें?
अमेरिका (USA), ब्रिटेन (UK) और कनाडा में भी दिवाली रविवार, 8 नवंबर 2026 को है, इसलिए परिवार भारत के समय के बजाय अपने शहर के पंचांग के अनुसार स्थानीय सूर्यास्त के बाद शाम की पूजा कर सकते हैं। इन देशों में गोवर्धन पूजा 9 नवंबर को और भारत में 10 नवंबर को है।




