पटना दशहरा 2026: गांधी मैदान में रावण वध, दुर्गा पूजा पंडाल और विजय मुहूर्त
पटना में दशहरा का अर्थ है नवरात्रि भर शहर भर में सजे दुर्गा पूजा पंडाल और विजयादशमी पर गांधी मैदान का रावण वध। यहाँ 2026 की तिथियाँ (अष्टमी और नवमी 19 अक्टूबर को, दशहरा मंगलवार 20 अक्टूबर को), पटना और बिहार के अन्य शहरों के लिए विजय मुहूर्त, और परिवारों के लिए उपयोगी सुझाव दिए गए हैं।

पटना में दशहरा का अर्थ है नवरात्रि भर शहर भर में सजे दुर्गा पूजा पंडाल और विजयादशमी पर गांधी मैदान का रावण वध। यहाँ 2026 की तिथियाँ (अष्टमी और नवमी 19 अक्टूबर को, दशहरा मंगलवार 20 अक्टूबर को), पटना और बिहार के अन्य शहरों के लिए विजय मुहूर्त, और परिवारों के लिए उपयोगी सुझाव दिए गए हैं।
संक्षिप्त उत्तर: पटना में दशहरा मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 को मनाया जाएगा (द्रिक पंचांग)। शहर का मुख्य दशहरा आयोजन उसी शाम होने वाला गांधी मैदान का रावण वध है, जो नवरात्रि (रविवार 11 से सोमवार 19 अक्टूबर; भारत में अष्टमी और नवमी दोनों सोमवार 19 अक्टूबर को) के दौरान शहर भर में सजे दुर्गा पूजा पंडालों के एक सप्ताह के बाद आता है। पटना के लिए विजय मुहूर्त 1:28 से 2:14 PM तक है। समय और व्यवस्थाओं की घोषणा आयोजक और ज़िला प्रशासन करते हैं।
पटना दशहरा 2026 एक नज़र में
| क्या | तिथि या समय (भारत) |
|---|---|
| नवरात्रि | रवि 11 से सोम 19 अक्टूबर 2026 |
| दुर्गा अष्टमी और महानवमी | सोम 19 अक्टूबर 2026 |
| दशहरा / विजयादशमी | मंगल 20 अक्टूबर 2026 |
| दशमी तिथि | 20 अक्टूबर 12:50 PM IST से 21 अक्टूबर 2:11 PM IST तक |
| विजय मुहूर्त, पटना | 1:28–2:14 PM स्थानीय समय |
| बिजया दशमी (बंगाली परंपरा का कैलेंडर) | बुध 21 अक्टूबर 2026 |
गांधी मैदान में रावण वध
गांधी मैदान, गंगा के किनारे पटना के हृदय में स्थित विशाल खुला मैदान, शहर के मुख्य दशहरा आयोजन का स्थल है। विजयादशमी की शाम मैदान पर रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के ऊँचे पुतले खड़े किए जाते हैं, अंतिम युद्ध का रामलीला मंचन होता है, और जयकारों व आतिशबाज़ी के बीच पुतलों को अग्नि दी जाती है। बिहार में इस आयोजन को आमतौर पर रावण वध (रावण का संहार) और रावण दहन दोनों नामों से जाना जाता है।
गांधी मैदान का रावण वध दशकों से आयोजित हो रहा है और पटना के उत्सव-कैलेंडर का अभिन्न हिस्सा है। इसमें अक्सर राज्य के गणमान्य व्यक्ति शामिल होते हैं, और पूरे शहर से परिवार इसे देखने आते हैं। उसी शाम पूरे बिहार के मोहल्लों और कस्बों में छोटे रावण वध आयोजन भी होते हैं।
भीड़ के विशाल आकार के कारण ज़िला प्रशासन हर वर्ष प्रवेश, निकास और यातायात की व्यवस्था तय करता है। 2014 में दशहरा आयोजन के बाद गांधी मैदान के पास हुई भगदड़ के बाद से मैदान पर भीड़ प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जाता है; पुलिस के निर्देशों का पालन करें, विशेषकर लौटते समय। इस अनुष्ठान का अर्थ जानने के लिए पढ़ें हम रावण का दहन क्यों करते हैं और देखें रावण दहन 2026 शहरवार गाइड।
पटना और बिहार भर में दुर्गा पूजा पंडाल
यदि गांधी मैदान दशहरे का चरमोत्कर्ष है, तो दुर्गा पूजा पटना में नवरात्रि का हृदय है। शहर भर की पूजा समितियाँ पंडाल सजाती हैं, जिनमें महिषासुर का वध करती माँ दुर्गा की प्रतिमा होती है, और उनके साथ लक्ष्मी, सरस्वती, गणेश और कार्तिकेय विराजते हैं। कुछ पंडाल मंदिरों या प्रसिद्ध इमारतों पर आधारित थीम सज्जा के लिए जाने जाते हैं, कुछ अपनी रोशनी के लिए, और अनेक अपनी पारंपरिक प्रतिमाओं और अनुष्ठानों के लिए। पंडाल दर्शन की भीड़ सप्तमी, अष्टमी और नवमी की रातों में चरम पर होती है।
मध्य पटना के कई इलाके लोकप्रिय पंडालों के समूहों के लिए प्रसिद्ध हैं, और शहर के बंगाली संघ ढाक, धुनुची नृत्य और बिजया दशमी पर सिंदूर खेला के साथ कोलकाता शैली की पूजा करते हैं। बिहार भर में गया, मुज़फ़्फ़रपुर, दरभंगा, भागलपुर और अन्य नगरों की अपनी प्रसिद्ध पूजाएँ और मेले हैं।
घरों में, बिहार में नवरात्रि का अर्थ है कलश स्थापना, प्रतिदिन दुर्गा सप्तशती पाठ, व्रत, और अष्टमी या नवमी पर कन्या पूजन में कन्याओं का सम्मान। 2026 में भारत में दोनों तिथियाँ सोमवार, 19 अक्टूबर को पड़ने के कारण, कई परिवार उसी दिन के आसपास अष्टमी व्रत, कन्या पूजन और नवमी हवन करेंगे। देखें कन्या पूजन 2026 गाइड।
मिथिला और शेष बिहार में नवरात्रि
मिथिला (उत्तर बिहार) में दुर्गा पूजा एक महत्वपूर्ण पारिवारिक और सामुदायिक पर्व है, और कई परिवार नवरात्रि की तिथियों के लिए मिथिला पंचांग का पालन करते हैं। वहाँ के अनेक घरों में प्रचलित परंपरा के अनुसार, नवरात्रि के आरंभ में बोए गए जौ के अंकुर (जयंती) देवी को अर्पित किए जाते हैं और विजयादशमी पर आशीर्वाद के रूप में बाँटे जाते हैं।
बिहार के शहरों के लिए विजय मुहूर्त 2026
विजय मुहूर्त विजयादशमी की दोपहर का सबसे शुभ समय है, जिसमें शमी पूजा, अपराजिता पूजा, शस्त्र पूजा और नए कार्यों का शुभारंभ किया जाता है। मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 का स्थानीय समय, द्रिक पंचांग पद्धति से गणना:
| शहर | विजय मुहूर्त (मंगल 20 अक्टूबर 2026) |
|---|---|
| पटना | 1:28–2:14 PM |
| गया | 1:29–2:15 PM |
| दरभंगा | 1:25–2:11 PM |
| मुज़फ़्फ़रपुर | 1:27–2:13 PM |
रावण वध सूर्यास्त के बाद होता है, विजय मुहूर्त के दौरान नहीं। राज्य के बारे में अधिक जानकारी के लिए देखें दशहरा 2026 बिहार गाइड और दशहरा / विजयादशमी 2026 मुख्य गाइड।
पटना में परिवारों के लिए सुझाव
- गांधी मैदान जल्दी पहुँचें और लौटने का रास्ता पहले से तय कर लें; पुतले जलने के बाद निकलने का समय सबसे अधिक भीड़ वाला होता है।
- गांधी मैदान और प्रमुख पंडाल क्षेत्रों के आसपास यातायात मार्ग परिवर्तन की अपेक्षा रखें; ज़िला प्रशासन और यातायात पुलिस की सूचनाएँ देखें।
- बच्चों को पास रखें, उनकी जेब में एक फ़ोन नंबर रखें और द्वारों के पास धक्का-मुक्की से बचें।
- देर रात पंडाल दर्शन केवल समूह में करें, और अच्छी रोशनी वाली मुख्य सड़कों का उपयोग करें।
- छोटे बच्चों के साथ शांत अनुभव के लिए मोहल्ले का रावण वध देखें या दोपहर में पंडाल दर्शन करें।
विदेश में बसे बिहारी परिवारों के लिए
विदेश में बसे बिहारी परिवार अक्सर घर पर कलश स्थापना और दुर्गा सप्तशती पाठ के साथ नवरात्रि मनाते हैं, और सामुदायिक दुर्गा पूजा व दशहरा समारोहों में, आमतौर पर निकटतम सप्ताहांत पर, शामिल होते हैं। किसी भी मुहूर्त के लिए अपने शहर का पंचांग देखें; पटना का समय विदेश में लागू नहीं होता। भारत से बाहर तिथियाँ भी भिन्न हो सकती हैं: द्रिक पंचांग USA, कनाडा और UK में दुर्गा अष्टमी 18 अक्टूबर और महानवमी 19 अक्टूबर को बताता है। देखें दशहरा 2026 USA गाइड और नवरात्रि 2026 NRI गाइड।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
2026 में गांधी मैदान में रावण वध कब है?
दशहरा (विजयादशमी) मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 को है (द्रिक पंचांग), और गांधी मैदान में रावण वध परंपरागत रूप से दशहरे की शाम को होता है। समय, प्रवेश और यातायात व्यवस्था की घोषणा आयोजक और ज़िला प्रशासन करते हैं, इसलिए आधिकारिक घोषणाएँ अवश्य देखें।
दशहरा 2026 पर पटना के लिए विजय मुहूर्त क्या है?
मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 को पटना के लिए विजय मुहूर्त स्थानीय समय अनुसार 1:28 से 2:14 PM तक है, जिसकी गणना द्रिक पंचांग पद्धति से की गई है।
2026 में पटना में दुर्गा अष्टमी और नवमी कब हैं?
भारत में द्रिक पंचांग के अनुसार दुर्गा अष्टमी और महानवमी दोनों सोमवार, 19 अक्टूबर 2026 को हैं, क्योंकि 17 और 18 अक्टूबर दोनों दिन सूर्योदय के समय सप्तमी रहती है। बिहार के कई परिवार मिथिला या किसी अन्य स्थानीय पंचांग का पालन करते हैं, और बंगाली समितियों की पूजा बंगाली पंजिका के अनुसार होती है, इसलिए अपनी पूजा समिति या पुरोहित का कैलेंडर देख लें।
2026 में पटना में दुर्गा पूजा विसर्जन कब है?
अधिकांश पूजाओं में विसर्जन विजयादशमी को या उसके बाद होता है, लेकिन सटीक दिन और समय प्रत्येक पूजा समिति और स्थानीय प्रशासन तय करते हैं। बंगाली पंजिका का पालन करने वाली समितियाँ बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 को बिजया दशमी मनाती हैं।
गांधी मैदान में किन पुतलों का दहन होता है?
उत्तर भारत के अधिकांश रावण दहन आयोजनों की तरह यहाँ भी रावण, उसके भाई कुंभकर्ण और उसके पुत्र मेघनाद के पुतले जलाए जाते हैं, आमतौर पर अंतिम युद्ध के रामलीला मंचन के बाद।
क्या दशहरे पर गांधी मैदान बच्चों के लिए सुरक्षित है?
यहाँ बहुत बड़ी भीड़ जुटती है, इसलिए परिवारों को जल्दी पहुँचना चाहिए, निकलते समय द्वारों से दूर रहना चाहिए, बच्चों को पास रखना चाहिए और पुलिस के निर्देशों का पालन करना चाहिए। छोटे बच्चों के साथ किसी छोटे स्थानीय रावण वध को देखना एक अच्छा विकल्प है।
संपादकीय टिप्पणी (9 अक्टूबर 2026)
यह गाइड अक्टूबर 2026 में लिखी गई है। तिथियाँ और विजय मुहूर्त का समय भारत के लिए द्रिक पंचांग की गणनाओं पर आधारित हैं; बिजया दशमी की तिथि उसके बंगाली परंपरा वाले कैलेंडर से ली गई है। गांधी मैदान के रावण वध का वर्णन सामान्य रूप में किया गया है; हम समय, प्रवेश व्यवस्था, आयोजकों या भीड़ के आँकड़े नहीं देते, जिनकी घोषणा हर वर्ष आयोजक और पटना ज़िला प्रशासन करते हैं।



