हैदराबाद में धनतेरस 2026: पूजा विधि और खरीदारी सुझावों के साथ संपूर्ण उत्सव मार्गदर्शिका
हैदराबाद में धनतेरस 2026 शुक्रवार, 6 नवंबर को है, जिससे दीपावली सप्ताह आरंभ होता है। चरणबद्ध पूजा विधि, यम दीपम, पौराणिक कथाएँ, क्या खरीदें, हैदराबादी कहाँ खरीदारी करते हैं और BIS हॉलमार्क कैसे जाँचें।

हैदराबाद में धनतेरस 2026 शुक्रवार, 6 नवंबर को है, जिससे दीपावली सप्ताह आरंभ होता है। चरणबद्ध पूजा विधि, यम दीपम, पौराणिक कथाएँ, क्या खरीदें, हैदराबादी कहाँ खरीदारी करते हैं और BIS हॉलमार्क कैसे जाँचें।
संक्षिप्त उत्तर: हैदराबाद में धनतेरस 2026 शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 को है। पूजा सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में की जाती है (हैदराबाद में लगभग 5:42 PM); सटीक मुहूर्त द्रिक पंचांग पर अवश्य जाँचें। नरक चतुर्दशी और दीपावली दोनों रविवार, 8 नवंबर को हैं, बलि पाड्यमी / गोवर्धन पूजा मंगलवार, 10 नवंबर को है, और कार्तिक मास 10 नवंबर से आरंभ होता है। 2026 में एक अतिरिक्त चंद्र मास होने के कारण यह त्योहार पिछले वर्ष की तुलना में लगभग तीन सप्ताह बाद है।
हैदराबाद में धनतेरस और दीपावली सप्ताह 2026
| त्योहार | तिथि (भारत) |
|---|---|
| धनतेरस (धनत्रयोदशी) | शुक्रवार, 6 नवंबर |
| नरक चतुर्दशी (प्रातः अभ्यंग स्नान) | रविवार, 8 नवंबर |
| दीपावली / लक्ष्मी पूजा (संध्या) | रविवार, 8 नवंबर |
| बलि पाड्यमी / गोवर्धन पूजा | मंगलवार, 10 नवंबर |
| भाई दूज (यम द्वितीया) | बुधवार, 11 नवंबर |
| कार्तिक मास आरंभ | मंगलवार, 10 नवंबर |
2026 में भारत में नरक चतुर्दशी और दीपावली एक ही रविवार को पड़ रही हैं: तेलुगु घरों में अत्यंत प्रिय नरक चतुर्दशी का भोर का तेल स्नान और आतिशबाज़ी होती है, और उसी शाम लक्ष्मी पूजा होती है। हमारी मार्गदर्शिकाएँ देखें: नरक चतुर्दशी 2026 और दीपावली 2026।
समय: सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल
धनतेरस पूजा, दीप प्रज्वलन और यम दीपम प्रदोष काल में किए जाते हैं, जो सूर्यास्त से आरंभ होने वाली अवधि है। हैदराबाद में शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 को सूर्यास्त लगभग 5:42 PM पर होगा। कई परिवार लक्ष्मी पूजा के लिए प्रदोष काल के भीतर या उसके निकट वृषभ काल (स्थिर लग्न) को भी प्राथमिकता देते हैं। 2026 के सटीक मुहूर्त के लिए हैदराबाद पर सेट किया हुआ द्रिक पंचांग देखें या अपने पुरोहित से पूछें। त्रयोदशी के पूरे दिन खरीदारी शुभ है; खरीदारी को केवल पूजा के समय तक सीमित रखने की आवश्यकता नहीं है।
धनतेरस का महत्व
"धनतेरस" शब्द "धन" (संपत्ति) और "तेरस" (तेरहवीं चंद्र तिथि, त्रयोदशी) से मिलकर बना है। समुद्र मंथन, अर्थात् ब्रह्मांडीय सागर के मंथन के समय, देवी लक्ष्मी समृद्धि लेकर प्रकट हुईं, और भगवान धन्वंतरि अमृत कलश लेकर प्रकट हुए, जिन्होंने मानवता को आयुर्वेद और आरोग्य का वरदान दिया। इसलिए धनतेरस धन और स्वास्थ्य दोनों का सम्मान करता है।
राजा हिम के पुत्र की कथा
एक सोलह वर्षीय राजकुमार के भाग्य में विवाह की चौथी रात सर्पदंश से मृत्यु लिखी थी। उसकी बुद्धिमान पत्नी ने शयनकक्ष के द्वार पर अपने सोने के आभूषणों और सिक्कों का ढेर लगा दिया, चारों ओर दीपक जलाए और गीतों व कथाओं से उसे रात भर जगाए रखा। जब भगवान यम सर्प के रूप में आए, तो वे उस चमक से चकाचौंध हो गए, रात भर बैठकर सुनते रहे और भोर होते ही राजकुमार को कोई हानि पहुँचाए बिना लौट गए। इसी कारण धनतेरस पर यम के लिए दीपक जलाए जाते हैं और इस दिन सोना व धातु खरीदी जाती है।
अपने घर की तैयारी
- घर की, विशेषकर प्रवेश द्वार और पूजा कक्ष की, अच्छी तरह सफ़ाई करें।
- द्वार पर मुग्गुलु (रंगोली) बनाएँ और आम के पत्तों का तोरण तथा गेंदे की मालाएँ लटकाएँ।
- चावल के आटे और कुमकुम से घर के भीतर आते हुए लक्ष्मी जी के पदचिह्न बनाएँ।
- मिठाइयाँ और त्योहार के व्यंजन बनाएँ; कई तेलुगु परिवार अरिसेलु, लड्डू या पायसम बनाते हैं।
- दीये, फूल, फल, धूप और लक्ष्मी, गणेश, कुबेर तथा धन्वंतरि के चित्र या मूर्तियाँ सजाएँ।
धनतेरस पूजा विधि: चरणबद्ध
- स्नान और संकल्प: स्नान करें, स्वच्छ वस्त्र पहनें और परिवार के स्वास्थ्य व समृद्धि के लिए संकल्प लें।
- गणेश पूजा: विघ्न दूर करने के लिए भगवान गणेश का आवाहन करके आरंभ करें।
- कलश स्थापना: आम के पत्तों और नारियल के साथ जल से भरा कलश स्थापित करें।
- लक्ष्मी पूजा: देवी लक्ष्मी को फूल, कुमकुम, हल्दी, अक्षत, धूप और मिठाई अर्पित करें।
- कुबेर पूजा: स्थायी धन के लिए देवताओं के कोषाध्यक्ष भगवान कुबेर का आवाहन करें; नए सिक्के या अपनी खरीदी हुई वस्तु उनके सामने रखें।
- धन्वंतरि पूजा: परिवार के प्रत्येक सदस्य के स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना करें।
- आरती: कपूर से आरती करें और भजन गाएँ।
- प्रसाद: परिवार के साथ मिठाई और प्रसाद बाँटें।
यम दीपम
सूर्यास्त के बाद मुख्य द्वार पर यम की दिशा, दक्षिण की ओर मुख करके चार बत्तियों वाला (चौमुखी) दीपक जलाएँ और परिवार की अकाल मृत्यु से रक्षा की प्रार्थना करें। कुछ परिवार दक्षिण की ओर मुख किए तेरह दीयों की पंक्ति भी रखते हैं। इसके बाद पूरे घर में दीये जलाएँ।
मंत्र
- लक्ष्मी: "ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः"।
- कुबेर: "ॐ यक्षाय कुबेराय वैश्रवणाय धनधान्याधिपतये धनधान्यसमृद्धिं मे देहि दापय स्वाहा"।
- धन्वंतरि: "ॐ नमो भगवते वासुदेवाय धन्वंतरये अमृतकलशहस्ताय सर्वामयविनाशनाय त्रैलोक्यनाथाय श्रीमहाविष्णवे नमः"।
धनतेरस पर क्या खरीदें
- सोना: लक्ष्मी और गणेश अंकित सिक्के, या हल्के आभूषण।
- चाँदी: सिक्के, छोटे बर्तन, चाँदी का दीया या पूजा सामग्री।
- पीतल, ताँबा और स्टील: कलश, लोटा, थाली या नए रसोई के बर्तन, जो भरे-पूरे और पोषित घर का प्रतीक हैं।
- नई झाड़ू: दरिद्रता को बुहार कर बाहर करने के लिए कई घरों में खरीदी जाती है।
- योजनाबद्ध बड़ी खरीदारी: कई परिवार किसी उपकरण, वाहन या संपत्ति की बुकिंग धनतेरस पर करते हैं।
जब सोने के दाम ऊँचे हों, तब सोने के सिक्के और हल्के आभूषण परंपरा निभाने का समझदारी भरा तरीका हैं। जाने से पहले बजट तय कर लें।
हैदराबाद कहाँ खरीदारी करता है
- पुराना शहर (Old City): चारमीनार के पास लाड बाज़ार (Laad Bazaar) चूड़ियों और त्योहार की वस्तुओं के लिए, और आसपास की गलियाँ आभूषणों और पारंपरिक सामान के लिए।
- सुल्तान बाज़ार (Sultan Bazaar) और मोअज़्ज़म जाही मार्केट (Moazzam Jahi Market): बर्तनों, पूजा सामग्री, फूलों और मिठाइयों के लिए व्यस्त पारंपरिक बाज़ार।
- मॉल और ब्रांडेड शोरूम: पूरे शहर में राष्ट्रीय और क्षेत्रीय आभूषण ब्रांड, और इनऑर्बिट (Inorbit) व GVK वन (GVK One) जैसे मॉल।
- ऑनलाइन: कई जौहरी सिक्के और आभूषण ऑनलाइन बेचते हैं; केवल प्रतिष्ठित विक्रेताओं से ही खरीदें।
धनतेरस की शाम बाज़ारों में अत्यधिक भीड़ होती है। दिन में पहले या उससे पहले के दिनों में खरीदारी करना, सार्वजनिक परिवहन या कैब का उपयोग करना और कीमती सामान सुरक्षित रखना आपकी यात्रा को आसान बनाएगा। त्योहार के ऑफ़र हर दुकान में अलग होते हैं, इसलिए खरीदने से पहले तुलना करें।
सोना समझदारी से खरीदें
- केवल BIS-हॉलमार्क वाले आभूषण खरीदें और हर आभूषण पर छह अंकों का HUID कोड जाँचें।
- BIS CARE ऐप से HUID सत्यापित करें।
- वज़न, शुद्धता, सोने का भाव और मेकिंग चार्ज अलग-अलग दर्शाने वाला उचित बिल माँगें।
- विभिन्न दुकानों में, और ऑनलाइन बनाम ऑफ़लाइन, दिन के भाव और मेकिंग चार्ज की तुलना करें।
- भविष्य में बदलने या बेचने के लिए बिल और प्रमाणपत्र सुरक्षित रखें।
स्वास्थ्य और धन्वंतरि का संबंध
चूँकि धनतेरस आयुर्वेद के जनक भगवान धन्वंतरि का सम्मान करता है, इसलिए कई परिवार इस दिन स्वास्थ्य को ही धन मानकर उस पर विचार करते हैं: किसी आयुर्वेदिक वैद्य से मिलना, योग या पैदल चलने का नया संकल्प, या बस बड़ों के स्वास्थ्य के लिए एक प्रार्थना।
हैदराबाद के विभिन्न समुदायों में धनतेरस
हैदराबाद में तेलुगु, मारवाड़ी, गुजराती, पंजाबी और अन्य उत्तर भारतीय परिवारों का मेल धनतेरस को अनेक रंग देता है। तेलुगु घर सोने, मुग्गुलु और मिठाइयों पर ध्यान देते हैं और नरक चतुर्दशी के तेल स्नान की प्रतीक्षा करते हैं; मारवाड़ी और गुजराती व्यापारी अपने बही-खातों की पूजा करते हैं; उत्तर भारतीय परिवार धन्वंतरि और यम दीपम की परंपराएँ निभाते हैं। संध्या दर्शन के लिए अपने स्थानीय मंदिर जाएँ और 2026 के किसी भी कार्यक्रम की जानकारी वहीं से लें।
पर्यावरण-अनुकूल उत्सव
- स्थानीय कुम्हारों द्वारा बनाए गए मिट्टी के दीये उपयोग करें।
- मुग्गुलु के लिए प्राकृतिक रंग (चावल का आटा, हल्दी, कुमकुम और फूल) चुनें।
- पटाखे कम से कम चलाएँ और समय संबंधी स्थानीय नियमों का पालन करें।
- स्थानीय कारीगरों का समर्थन करें और ज़रूरतमंदों को दान दें।
दीपावली 2026 का आशीर्वाद साझा करें
धनतेरस स्वास्थ्य और समृद्धि दोनों का सम्मान करते हुए दीपावली सप्ताह का आरंभ करता है। जब द्वार पर यम दीपम जगमगाता है और मुग्गुलु हैदराबाद के घरों को उजला करते हैं, तब दीपक हमें उस आंतरिक प्रकाश की याद दिलाता है जो अंधकार को दूर करता है। भगवान धन्वंतरि का आरोग्य का वरदान और माँ लक्ष्मी की कृपा ही किसी परिवार का सच्चा धन है। इस धनतेरस 2026 पर, अपने माता-पिता, परिवार और मित्रों के साथ इनमें से कोई आशीर्वाद साझा करें और उन्हें स्वास्थ्य, सद्भाव और प्रकाश की शुभकामनाएँ दें।
दीप श्लोक: दीपक की प्रार्थना
शुभं करोति कल्याणम् आरोग्यं धनसम्पदा। शत्रुबुद्धिविनाशाय दीपज्योतिर्नमोऽस्तु ते॥
शुभं करोति कल्याणम् आरोग्यं धन-सम्पदा, शत्रु-बुद्धि-विनाशाय दीप-ज्योतिर् नमोऽस्तु ते।
अर्थ: मैं दीपक की उस ज्योति को नमन करता हूँ जो शुभ और कल्याणकारी है, आरोग्य और समृद्धि लाती है, और दुर्भावना का नाश करती है। कई परिवार संध्या का दीया जलाते समय इसका पाठ करते हैं।
दीपावली के लिए लक्ष्मी मंत्र
ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः॥
ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः।
अर्थ: महालक्ष्मी को नमस्कार। श्रीं वह बीज अक्षर है जो परंपरागत रूप से लक्ष्मी से जुड़ा है।
साझा करने के लिए दीपावली 2026 संदेश
🪔 धनतेरस की शुभकामनाएँ! इस दीपावली सप्ताह भगवान धन्वंतरि हमारे पूरे परिवार को उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और हँसी से भरा घर प्रदान करें। 🙏 WhatsApp पर साझा करें
🙏 हमारे प्रिय माता-पिता और बड़ों के लिए: इस धनतेरस पर हम हर खज़ाने से बढ़कर आपके स्वास्थ्य की प्रार्थना करते हैं। धन्वंतरि का आशीर्वाद आपको सशक्त और प्रसन्न रखे। 🌸 WhatsApp पर साझा करें
✨ प्रिय मित्र, यह धनतेरस आपके तन को स्वास्थ्य, मन को शांति और आपके द्वार पर आशा का उज्ज्वल दीपक लेकर आए। सुरक्षित रूप से उत्सव मनाएँ! 🪔 WhatsApp पर साझा करें
🪔 हैदराबाद और उससे आगे के हमारे सहकर्मियों और ग्राहकों को धनतेरस की हार्दिक शुभकामनाएँ। नया मौसम सभी के लिए ईमानदार प्रगति, विश्वास और कल्याण लेकर आए। ✨ WhatsApp पर साझा करें
🌸 इस धनतेरस पर माँ लक्ष्मी चावल के आटे से बने पदचिह्नों पर चलकर आपके घर पधारें और उसे कृपा, संतोष और कृतज्ञता से भर दें। शुभ धनतेरस! 🪔 WhatsApp पर साझा करें
🙏 भगवान गणेश आपके मार्ग की हर बाधा दूर करें और इस धनतेरस पर आपकी नई शुरुआतों को बुद्धि और शुभ प्रकाश से आशीर्वाद दें। गणपति बप्पा मोरया! ✨ WhatsApp पर साझा करें
दीपावली की एक छोटी प्रार्थना
माँ लक्ष्मी और भगवान गणेश, इस पावन धनतेरस पर मैं हाथ जोड़कर आपके सामने दीपक जलाता हूँ। मेरे परिवार को उत्तम स्वास्थ्य का आशीर्वाद दें, जैसे भगवान धन्वंतरि संसार के लिए अमृत लाए थे। हमारे घर को शांतिपूर्ण और हमारे हृदयों को दयालु रखें। मेरे मार्ग की बाधाएँ दूर करें, मुझे ईमानदार और सही प्रयास की ओर ले चलें, और मुझे जो कुछ मिला है उसके लिए सदा कृतज्ञ बनाए रखें।
इन आशीर्वादों को अपने परिवार और मित्रों तक भेजने के लिए इस पृष्ठ के शेयर बटन का उपयोग करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
हैदराबाद में धनतेरस 2026 कब है?
धनतेरस 2026 हैदराबाद सहित पूरे भारत में शुक्रवार, 6 नवंबर को है। नरक चतुर्दशी और दीपावली (लक्ष्मी पूजा) दोनों रविवार, 8 नवंबर को हैं, गोवर्धन पूजा / बलि पाड्यमी मंगलवार, 10 नवंबर को और भाई दूज बुधवार, 11 नवंबर को है।
हैदराबाद में धनतेरस पूजा किस समय करनी चाहिए?
पूजा प्रदोष काल में की जाती है, जो सूर्यास्त से आरंभ होता है; हैदराबाद में 6 नवंबर को सूर्यास्त लगभग 5:42 PM पर होगा। सटीक मुहूर्त (वृषभ काल सहित) के लिए हैदराबाद पर सेट किया हुआ द्रिक पंचांग देखें या अपने पारिवारिक पुरोहित से पूछें।
क्या धनतेरस पर सोना खरीदना ज़रूरी है?
नहीं। सोना पारंपरिक है, परंतु चाँदी, पीतल या स्टील का बर्तन, नई झाड़ू या घर के लिए कोई भी उपयोगी वस्तु भी उतनी ही शुभ है। अपनी सामर्थ्य के अनुसार खरीदें; कीमत से अधिक भक्ति का महत्व है।
धनतेरस पर यम दीपम क्यों जलाते हैं?
दक्षिण दिशा की ओर मुख वाला यह दीपक भगवान यम के सम्मान में जलाया जाता है और राजा हिम के पुत्र की कथा का स्मरण करते हुए परिवार की अकाल मृत्यु से रक्षा के लिए प्रज्वलित किया जाता है।
इस वर्ष धनतेरस देर से क्यों है?
2026 में एक अतिरिक्त चंद्र मास (अधिक मास) है, इसलिए धनतेरस, दीपावली और कार्तिक मास सभी ग्रेगोरियन कैलेंडर में पिछले वर्ष की तुलना में लगभग तीन सप्ताह बाद पड़ रहे हैं।
संपादक की टिप्पणी (4 अक्टूबर 2026)
2026 के लिए अद्यतन। तिथियाँ भारत के लिए द्रिक पंचांग के अनुसार हैं (धनतेरस शुक्रवार, 6 नवंबर; दीपावली रविवार, 8 नवंबर); हैदराबाद का सूर्यास्त समय 6 नवंबर का है। हमने पिछले संस्करण के मुहूर्त समय, सोने-चाँदी के दाम, बाज़ार रिपोर्ट और यह दावा हटा दिया है कि धनतेरस राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस है (वह दिवस अब एक निश्चित तिथि को मनाया जाता है)। कृपया 2026 का पूजा मुहूर्त द्रिक पंचांग पर या अपने पुरोहित से पुष्टि करें।




