संक्षिप्त उत्तर: दिवाली और लक्ष्मी पूजा 2026 हर जगह रविवार, 8 नवंबर 2026 को है। धनतेरस शुक्रवार, 6 नवंबर को है। USA, कनाडा और UK में नरक चतुर्दशी (छोटी दिवाली) शनिवार, 7 नवंबर को, गोवर्धन पूजा सोमवार, 9 नवंबर को और भाई दूज मंगलवार, 10 नवंबर को है। भारत में नरक चतुर्दशी 8 नवंबर की सुबह मनाई जाएगी, गोवर्धन पूजा 10 नवंबर को और भाई दूज 11 नवंबर को है। 2026 में अधिक मास (एक अतिरिक्त चांद्र मास) है, इसलिए दिवाली पिछले वर्ष की तुलना में लगभग तीन सप्ताह देर से आ रही है। लक्ष्मी पूजा आपके स्थानीय सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में की जाती है।

NRI के लिए दिवाली 2026 की तिथियाँ

पर्वUSA / कनाडा / UKभारत
धनतेरसशुक्र, 6 नवंबरशुक्र, 6 नवंबर
नरक चतुर्दशीशनि, 7 नवंबररवि, 8 नवंबर (सुबह)
दिवाली / लक्ष्मी पूजारवि, 8 नवंबररवि, 8 नवंबर
गोवर्धन पूजासोम, 9 नवंबरमंगल, 10 नवंबर
भाई दूजमंगल, 10 नवंबरबुध, 11 नवंबर

दिवाली पर स्थानीय सूर्यास्त (रविवार, 8 नवंबर 2026)

लक्ष्मी पूजा प्रदोष काल में की जाती है, जो स्थानीय सूर्यास्त से शुरू होता है। यहाँ प्रमुख NRI शहरों के सूर्यास्त के समय दिए गए हैं। अपने शहर का सटीक लक्ष्मी पूजा मुहूर्त द्रिक पंचांग पर अवश्य देखें; भारतीय मुहूर्त को कभी भी अपने टाइम ज़ोन में बदलकर उपयोग न करें।

शहरसूर्यास्त, 8 नवंबर 2026 (स्थानीय समय)
न्यूयॉर्क (New York)4:44 PM
शिकागो (Chicago)4:36 PM
ह्यूस्टन (Houston)5:29 PM
लॉस एंजेलिस (Los Angeles)4:54 PM
टोरंटो (Toronto)4:59 PM
कैलगरी (Calgary)5:58 PM
वैंकूवर (Vancouver)5:40 PM
लंदन (London)4:22 PM
लेस्टर (Leicester)4:22 PM
बर्मिंघम (Birmingham)4:25 PM

चूँकि 2026 में दिवाली रविवार को है, इसलिए अधिकांश कामकाजी परिवार बिना छुट्टी लिए सही समय पर पूरी संध्या पूजा कर सकते हैं।

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आधुनिक NRI घर में मंत्र जप कैसे करें

मैनहैटन (Manhattan) का छोटा-सा अपार्टमेंट हो, ब्रैम्पटन (Brampton) का टाउनहाउस हो या लेस्टर का टेरेस्ड हाउस — मंत्र जप के लिए यह किसी भी मंदिर जितना ही पावन स्थान है। महत्व है स्वच्छ स्थान, शांत मन और नियमितता का। मंत्र परिवारों को अपनी जड़ों से जोड़े रखते हैं, घर में भक्तिमय वातावरण बनाते हैं और विदेश में बड़े हो रहे बच्चों तक परंपराएँ पहुँचाते हैं।

  • स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें; संभव हो तो पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके आसन पर बैठें।
  • दीया या सुरक्षित LED दीपक जलाएँ और अपने सामने गणेश जी और लक्ष्मी जी का चित्र रखें।
  • गिनती के लिए 108 मनकों की माला का उपयोग करें; 108, 21 या 11 बार जप — ये सभी पारंपरिक हैं।
  • सदैव गणेश जी से आरंभ करें और शांति मंत्र तथा आरती से समापन करें।
  • समझकर जप करें: आरंभ करने से पहले अर्थ पढ़ लें।

एक ईमानदार बात: मंत्र प्रार्थना और साधना हैं, किसी विशेष परिणाम की गारंटी नहीं — चाहे वह वीज़ा हो, पदोन्नति हो या निवेश पर लाभ। कृतज्ञता, स्पष्टता और आशीर्वाद के लिए जप करें, और व्यावहारिक प्रयास भी करते रहें।

लक्ष्मी मंत्र

1. महालक्ष्मी मंत्र

संस्कृत: ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं ॐ महालक्ष्म्यै नमः

उच्चारण: ॐ श्रीम् ह्रीम् श्रीम् कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीम् ह्रीम् श्रीम् ॐ महालक्ष्म्यै नमः

अर्थ: हे कमल में निवास करने वाली लक्ष्मी, हम पर कृपा करें; महालक्ष्मी को नमस्कार है।

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कैसे करें: दिवाली की संध्या को लक्ष्मी पूजा के समय देवी के सामने दीपक जलाकर 108 बार जप करें।

2. लक्ष्मी गायत्री

संस्कृत: ॐ महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णुपत्न्यै च धीमहि तन्नो लक्ष्मीः प्रचोदयात्

उच्चारण: ॐ महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णुपत्न्यै च धीमहि तन्नो लक्ष्मीः प्रचोदयात्

अर्थ: हम भगवान विष्णु की अर्धांगिनी महालक्ष्मी का ध्यान करते हैं; वे हमें प्रेरणा और मार्गदर्शन दें।

कैसे करें: परिवार के साथ जप के लिए उत्तम; दिवाली पर और वर्ष भर हर शुक्रवार को 11 या 108 बार पाठ करें।

3. लघु लक्ष्मी मंत्र

संस्कृत: ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः

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उच्चारण: ॐ श्रीम् महालक्ष्म्यै नमः

अर्थ: बीज अक्षर 'श्रीं' के साथ महालक्ष्मी को नमस्कार।

कैसे करें: बच्चों और व्यस्त पेशेवरों के लिए सरल; दिवाली पर 108 बार और सामान्य दिनों में 21 बार जप करें।

जो अधिक करना चाहें, उनके लिए लक्ष्मी अष्टोत्तर शतनामावली (108 नाम) और आदि शंकराचार्य का कनकधारा स्तोत्र दिवाली के पारंपरिक पाठ हैं। दोनों में 15 से 30 मिनट लगते हैं और ये उच्चारण सहित छपी पुस्तिकाओं में आसानी से उपलब्ध हैं।

गणेश मंत्र

4. गणेश मूल मंत्र

संस्कृत: ॐ गं गणपतये नमः

उच्चारण: ॐ गम् गणपतये नमः

अर्थ: विघ्नहर्ता गणपति को नमस्कार।

कैसे करें: लक्ष्मी पूजा आरंभ होने से पहले 108 बार जप करें; गणेश जी की पूजा सदैव सबसे पहले होती है।

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5. वक्रतुण्ड मंत्र

संस्कृत: वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥

उच्चारण: वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ, निर्विघ्नम् कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा

अर्थ: हे घुमावदार सूँड़ और विशाल शरीर वाले, करोड़ों सूर्यों के समान तेजस्वी देव, मेरे सभी कार्यों को सदा निर्विघ्न करें।

कैसे करें: दिवाली की सुबह की शुरुआत में और किसी भी नए काम से पहले 11 बार पाठ करें। बच्चों को सिखाने के लिए यह एक अच्छा पहला मंत्र है।

6. गणेश गायत्री

संस्कृत: ॐ एकदन्ताय विद्महे वक्रतुण्डाय धीमहि तन्नो दन्ती प्रचोदयात्

उच्चारण: ॐ एकदन्ताय विद्महे वक्रतुण्डाय धीमहि तन्नो दन्ती प्रचोदयात्

अर्थ: हम एकदंत, वक्रतुंड का ध्यान करते हैं; वे हमारी बुद्धि को सही दिशा दें।

कैसे करें: दिवाली की सुबह जप करें; परीक्षा से पहले विद्यार्थियों में यह बहुत लोकप्रिय है।

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कुबेर मंत्र (धन और उसका सही उपयोग)

7. कुबेर मंत्र

संस्कृत: ॐ यक्षाय कुबेराय वैश्रवणाय धनधान्याधिपतये धनधान्यसमृद्धिं मे देहि दापय स्वाहा

उच्चारण: ॐ यक्षाय कुबेराय वैश्रवणाय धनधान्याधिपतये धनधान्यसमृद्धिम् मे देहि दापय स्वाहा

अर्थ: हे कुबेर, विश्रवा के पुत्र, धन और धान्य के स्वामी, हमें समृद्धि और प्रचुरता प्रदान करें।

कैसे करें: धनतेरस पर और दिवाली पूजा के समय जप करें; परंपरा के अनुसार बही-खाते, बटुआ या नकदी का डिब्बा देवताओं के सामने रखें।

सरस्वती मंत्र (ज्ञान)

8. सरस्वती बीज मंत्र

संस्कृत: ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः

उच्चारण: ॐ ऐम् सरस्वत्यै नमः

अर्थ: बीज अक्षर 'ऐं' के साथ विद्या की देवी सरस्वती को नमस्कार।

कैसे करें: कई परिवार दिवाली पर पूजा स्थल के पास किताबें और लैपटॉप रखते हैं और इस मंत्र का 21 या 108 बार जप करते हैं।

लंबी सरस्वती वंदना, "या कुन्देन्दुतुषारहारधवला...", बच्चों के लिए साथ मिलकर सीखने और गाने की एक सुंदर प्रार्थना है।

स्वास्थ्य और रक्षा मंत्र

9. धन्वंतरि मंत्र (धनतेरस)

संस्कृत: ॐ नमो भगवते वासुदेवाय धन्वन्तरये अमृतकलशहस्ताय सर्वामयविनाशनाय त्रैलोक्यनाथाय श्रीमहाविष्णवे नमः

उच्चारण: ॐ नमो भगवते वासुदेवाय धन्वन्तरये अमृतकलश हस्ताय सर्वामय विनाशनाय त्रैलोक्यनाथाय श्री महाविष्णवे नमः

अर्थ: अमृत कलश धारण करने वाले और सभी रोगों का नाश करने वाले, विष्णु स्वरूप भगवान धन्वंतरि को नमस्कार।

कैसे करें: धनतेरस की संध्या, शुक्रवार 6 नवंबर 2026 को परिवार के स्वास्थ्य की प्रार्थना करते हुए जप करें।

10. महामृत्युंजय मंत्र

संस्कृत: ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्॥

उच्चारण: ॐ त्र्यम्बकम् यजामहे सुगन्धिम् पुष्टिवर्धनम्, उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर् मुक्षीय मामृतात्

अर्थ: हम सबका पोषण करने वाले त्रिनेत्रधारी भगवान की उपासना करते हैं; जैसे पका हुआ ककड़ी का फल अपनी बेल से मुक्त हो जाता है, वैसे ही वे हमें मृत्यु से मुक्त करें, अमरत्व से नहीं।

कैसे करें: दिवाली की सुबह, या दूर रह रहे माता-पिता और रिश्तेदारों के लिए 108 बार जप करें।

11. हनुमान मंत्र

संस्कृत: ॐ हं हनुमते नमः

उच्चारण: ॐ हम् हनुमते नमः

अर्थ: बल और साहस देने वाले हनुमान जी को नमस्कार।

कैसे करें: नरक चतुर्दशी पर और त्योहार के लिए घर की लंबी यात्रा से पहले जप करें।

12. दुर्गा मंत्र

संस्कृत: सर्वमङ्गलमाङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके। शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते॥

उच्चारण: सर्व मंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके, शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोस्तुते

अर्थ: हर शुभ उद्देश्य को पूर्ण करने वाली और शरण देने वाली मंगलमयी नारायणी को नमस्कार।

कैसे करें: परिवार की रक्षा और कुशलता के लिए संध्या पूजा और आरती के समय पाठ करें।

पाँच दिन की दिवाली 2026 मंत्र योजना (USA, कनाडा, UK की तिथियाँ)

  • शुक्र, 6 नवंबर, धनतेरस: धन्वंतरि मंत्र 108 बार; संध्या को लक्ष्मी गायत्री और कुबेर मंत्र; सूर्यास्त के बाद इस श्लोक के साथ दक्षिण दिशा की ओर यम दीपक जलाएँ: "मृत्युना पाशदण्डाभ्यां कालेन श्यामया सह, त्रयोदश्यां दीपदानात् सूर्यजः प्रीयतां मम"।
  • शनि, 7 नवंबर, नरक चतुर्दशी: प्रातः जल्दी स्नान, हनुमान और गणेश मंत्र; संध्या को दीप जलाएँ और पूजा स्थल तैयार करें। (भारत में यह 8 नवंबर की सुबह मनाई जाती है।)
  • रवि, 8 नवंबर, दिवाली: सुबह वक्रतुण्ड और महामृत्युंजय मंत्र; संध्या को गणेश पूजा, फिर स्थानीय सूर्यास्त के बाद महालक्ष्मी मंत्र, लक्ष्मी गायत्री, कुबेर मंत्र और सरस्वती मंत्र के साथ लक्ष्मी पूजा, और अंत में आरती तथा "ॐ सर्वे भवन्तु सुखिनः"।
  • सोम, 9 नवंबर, गोवर्धन पूजा: "ॐ नमो भगवते वासुदेवाय" 108 बार; श्रीकृष्ण को अन्नकूट या सादा भोग अर्पित करें।
  • मंगल, 10 नवंबर, भाई दूज: भाई-बहनों के लिए महामृत्युंजय मंत्र; दूसरे देशों में रह रहे भाई-बहनों के लिए वीडियो कॉल पर तिलक भी किया जा सकता है।

सरल लक्ष्मी पूजा क्रम

  • पूजा स्थल साफ़ करें, गणेश जी और लक्ष्मी जी को स्थापित करें, साथ में जल से भरा कलश, चावल, कुमकुम, फूल, मिठाई और फल रखें।
  • गणेश पूजा: ॐ गं गणपतये नमः 108 बार, फूल और धूप अर्पित करें।
  • स्थानीय सूर्यास्त के बाद लक्ष्मी पूजा: फूल, मिठाई और दीपक अर्पित करें; बही-खाते या बटुआ पूजा स्थल के पास रखें।
  • लक्ष्मी और कुबेर मंत्रों का जप करें, फिर सरस्वती मंत्र।
  • आरती करें; यदि आपको शब्द याद नहीं हैं तो रिकॉर्ड की हुई आरती भी ठीक है।
  • प्रसाद बाँटें और प्रवेश द्वार, रसोई तथा हर कमरे में दीये जलाएँ।

विदेश में जन्मे बच्चों को मंत्र सिखाना

  • 3 से 7 वर्ष: ॐ गं गणपतये नमः और ॐ नमः शिवाय, प्रत्येक पाँच बार।
  • 8 से 12 वर्ष: वक्रतुण्ड मंत्र, ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः और ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः, प्रत्येक 11 बार।
  • किशोर: गायत्री मंत्र और लक्ष्मी गायत्री, अर्थ समझाते हुए।

इसे पारिवारिक गतिविधि बनाएँ: हर देवता से जुड़ी कथाएँ सुनाएँ, बच्चों को (निगरानी में) दीये जलाने दें, रंग-बिरंगी मालाओं का उपयोग करें और मंत्रों को उनकी अपनी परीक्षाओं और चुनौतियों से जोड़ें।

इन सामान्य गलतियों से बचें

  • जल्दबाज़ी में गिनती पूरी करना, या खाते समय या फ़ोन स्क्रॉल करते हुए जप करना।
  • मंत्रों को बिना क्रम के मिलाना; यह क्रम अपनाएँ: गणेश, लक्ष्मी, कुबेर, सरस्वती, शांति।
  • भारतीय मुहूर्त के समय को अपने टाइम ज़ोन में बदलकर उपयोग करना; इसके बजाय अपना स्थानीय प्रदोष काल अपनाएँ।
  • दीयों को बिना देखरेख के छोड़ना। लौ को पर्दों और स्मोक अलार्म से दूर रखें, या LED दीयों का उपयोग करें।

पूजा सामग्री कहाँ मिलेगी

USA, कनाडा और UK में भारतीय किराना स्टोर, स्थानीय हिंदू मंदिर और ऑनलाइन मार्केटप्लेस मूर्तियाँ, दीये, अगरबत्ती, कुमकुम, मालाएँ और पूजा किट उपलब्ध कराते हैं। जल्दी ऑर्डर करें, क्योंकि त्योहार से पहले नवंबर में डिलीवरी धीमी हो सकती है।

दिवाली 2026 का आशीर्वाद साझा करें

इस दिवाली 2026 पर आप जहाँ भी जप करें — मैनहैटन के अपार्टमेंट में, ब्रैम्पटन के टाउनहाउस में या लेस्टर के टेरेस्ड हाउस में — आपका जलाया दीपक वही आंतरिक ज्योति है जिसका हमारे परिवार पीढ़ियों से सम्मान करते आए हैं। शांत मन से बोला गया मंत्र घर में माँ लक्ष्मी की कृपा और भगवान गणेश का आशीर्वाद आमंत्रित करता है, और हमें याद दिलाता है, जैसा कि सदा कहा जाता है, कि प्रकाश हमेशा अंधकार पर विजय पाता है। परिवार के जप के बाद, इनमें से कोई एक शुभकामना भारत और दुनिया भर में अपने प्रियजनों के साथ साझा करें।

दीप श्लोक: दीपक की प्रार्थना

शुभं करोति कल्याणम् आरोग्यं धनसम्पदा। शत्रुबुद्धिविनाशाय दीपज्योतिर्नमोऽस्तु ते॥

शुभम् करोति कल्याणम् आरोग्यम् धन-सम्पदा, शत्रु-बुद्धि-विनाशाय दीप-ज्योतिर् नमोस्तु ते।

अर्थ: मैं दीपक की उस ज्योति को नमन करता हूँ जो शुभ और कल्याण, आरोग्य और समृद्धि लाती है तथा दुर्भावना का नाश करती है। कई परिवार संध्या का दीया जलाते समय इसका पाठ करते हैं।

दिवाली के लिए लक्ष्मी मंत्र

ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः॥

ॐ श्रीम् महालक्ष्म्यै नमः।

अर्थ: महालक्ष्मी को नमस्कार। 'श्रीं' वह बीज अक्षर है जो परंपरा से लक्ष्मी जी से जुड़ा है।

साझा करने के लिए दिवाली 2026 संदेश

🪔 सात समंदर पार बसे हमारे परिवार को दिवाली 2026 की हार्दिक शुभकामनाएँ! पास हों या दूर, साथ मिलकर जपते हमारे स्वर हर घर को एक ही ज्योति से भर दें। ✨ WhatsApp पर साझा करें

🙏 प्यारे नानी-नाना, हमें हमारे पहले मंत्र सिखाने के लिए धन्यवाद। इस दिवाली माँ लक्ष्मी आपको स्वास्थ्य, शांति और आनंद का आशीर्वाद दें। 🪔 WhatsApp पर साझा करें

✨ प्रिय मित्र, आपको और आपके परिवार को प्रकाश, प्रार्थना और हँसी से भरी दिवाली की शुभकामनाएँ। इस त्योहार पर विदेश का आपका घर भी अपने घर जैसा लगे। 🪔🌸 WhatsApp पर साझा करें

🪔 आपको और आपके परिवार को दिवाली की हार्दिक शुभकामनाएँ। दीपों का यह पर्व आपको मन की स्पष्टता, निरंतर प्रयास और एक शांत, स्वस्थ वर्ष दे। ✨ WhatsApp पर साझा करें

🌸 आज रात जब आप भक्ति से उनका नाम जपें, माँ लक्ष्मी की कृपा आपके घर पर कोमलता से बरसे और सामंजस्य, कृतज्ञता और संतोष लाए। 🪔🙏 WhatsApp पर साझा करें

🙏 हर पूजा में सबसे पहले पूजे जाने वाले भगवान गणेश आपके मार्ग की हर बाधा दूर करें और इस दिवाली 2026 पर आपकी हर शुभ शुरुआत को आशीर्वाद दें। 🪔✨ WhatsApp पर साझा करें

दिवाली की एक छोटी प्रार्थना

माँ लक्ष्मी और भगवान गणेश, आज रात अपने परिवार के साथ आपका नाम जपते हुए मैं आपको यह छोटा-सा दीपक और अपनी कृतज्ञता अर्पित करता हूँ। भगवान गणेश, हमारे मन की बाधाएँ दूर करें। माँ लक्ष्मी, हमारे घर को स्वास्थ्य, सामंजस्य और शांति का आशीर्वाद दें। हमें ये प्रार्थनाएँ प्रेम से अपने बच्चों तक पहुँचाने में सहायता करें, और हमारे हर कार्य में ईमानदार, सही प्रयास की ओर हमारा मार्गदर्शन करें।

ये शुभकामनाएँ अपने परिवार और मित्रों को भेजने के लिए इस पेज पर दिए गए शेयर बटन का उपयोग करें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

NRI के लिए दिवाली 2026 कब है?

दिवाली और लक्ष्मी पूजा हर देश में रविवार, 8 नवंबर 2026 को है। धनतेरस शुक्रवार, 6 नवंबर को है। USA, कनाडा और UK में गोवर्धन पूजा सोमवार, 9 नवंबर को और भाई दूज मंगलवार, 10 नवंबर को है; भारत में ये 10 और 11 नवंबर को हैं।

विदेश में लक्ष्मी पूजा किस समय करें?

लक्ष्मी पूजा आपके स्थानीय सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में की जाती है। भारतीय मुहूर्त के समय को अपने टाइम ज़ोन में बदलकर उपयोग न करें। अपने शहर का सटीक मुहूर्त द्रिक पंचांग पर अवश्य देखें।

दिवाली की रात कौन-सा मंत्र सबसे महत्वपूर्ण है?

गणेश जी के लिए ॐ गं गणपतये नमः से आरंभ करें, फिर पूजा के दौरान ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः या महालक्ष्मी मंत्र जैसे किसी लक्ष्मी मंत्र का 108 बार जप करें।

अगर मेरा उच्चारण पूरी तरह सही न हो, तो क्या मैं मंत्र जप सकता हूँ?

हाँ। सबसे अधिक महत्व सच्ची श्रद्धा का है। किसी पुरोहित, परिवार के बुज़ुर्ग या किसी विश्वसनीय रिकॉर्डिंग से धीरे-धीरे सीखें और अभ्यास छोड़ने के बजाय समय के साथ सुधार करते रहें।

क्या तेल के दीयों की जगह LED दीये इस्तेमाल कर सकते हैं?

हाँ। कई अपार्टमेंट और किराए के घरों में खुली लौ की अनुमति नहीं होती। LED दीये या अग्नि-सुरक्षित होल्डर में टी-लाइट एक व्यावहारिक विकल्प हैं; यदि सुरक्षित हो तो पूजा स्थल पर कम से कम एक असली दीपक अवश्य जलाएँ।

संपादक की टिप्पणी (4 अक्टूबर 2026)

यह गाइड दिवाली 2026 के लिए अपडेट की गई है। तिथियाँ हर देश के लिए द्रिक पंचांग के अनुसार हैं और सूर्यास्त के समय 8 नवंबर 2026 को सूचीबद्ध शहरों के हैं। हमने पिछले वर्ष की मुहूर्त तालिकाएँ हटा दी हैं: लक्ष्मी पूजा स्थानीय सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में की जाती है, इसलिए अपने शहर का सटीक मुहूर्त द्रिक पंचांग पर अवश्य देखें। 2026 के दिवाली कार्यक्रमों के लिए अपने स्थानीय मंदिर या संस्था से संपर्क करें।

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